दहशत की रातः उत्तराखण्ड में मां के सामने आंगन से बच्ची को उठा ले गया गुलदार! 20 मीटर दूर मिला मासूम याशिका का शव, बिलख उठा पूरा गांव

A night of terror: A leopard carried off a girl from her mother's courtyard in Uttarakhand! The body of innocent Yashika was found 20 meters away, leaving the entire village in mourning.

पौड़ी गढ़वाल। उत्तराखण्ड में गुलदार का आतंक लगातार जारी है। ताजा घटनाक्रम पौड़ी जिले के जयहरीखाल विकासखंड से सामने आया है, यहां शनिवार को घर के आंगन में खेल रही डेढ़ साल की बच्ची को गुलदार उठा ले गया। देर रात कुछ दूरी पर बच्ची का शव बरामद किया गया। घटना के बाद जहां परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं ग्रामीणों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों ने गुलदार को तत्काल मारने की मांग की है। 

जानकारी के अनुसार बरस्वार गांव निवासी एवं पूर्व बीडीसी सदस्य बीरेंद्र सिंह की डेढ़ वर्षीय पोती याशिका अपनी मां के साथ कमरे से बाहर आंगन में आई थी। तभी पहले से घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक झपट्टा मारा और बच्ची को मुंह में दबाकर झाड़ियों की ओर भाग गया। घटना इतनी अचानक हुई कि मां को संभलने का मौका तक नहीं मिला। मां के चीख-पुकार मचाने पर गांव में अफरा-तफरी मच गई। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत बच्ची की तलाश शुरू की गई। करीब एक घंटे की खोजबीन के बाद घर से लगभग 20 मीटर दूर झाड़ियों में बच्ची लहूलुहान अवस्था में मिली। परिजन आनन-फानन में बच्ची को लेकर लैंसडाउन अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत की खबर से पूरे गांव में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इधर घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग हरकत में आया। लैंसडाउन के रेंजर राकेश चंद्रा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि गांव में वन विभाग की टीम भेज दी गई है। क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इस घटना के बाद से बरस्वार गांव समेत आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने, पिंजरे लगाने, गुलदार को पकड़ने और आदमखोर घोषित कर शूट करने की मांग की है। ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।