भारत-इंडोनेशिया के कूटनीतिक रिश्तों में जुड़ा नया अध्याय: प्रम्बानन मंदिर पहुंचे पीएम मोदी,कहा-इंडोनेशिया की हवा में संस्कृति की खुशबू

A new chapter in India-Indonesia diplomatic ties: PM Modi visits Prambanan Temple, says the fragrance of culture permeates the air of Indonesia.

नई दिल्ली। अपनी तीन देशों की महत्वपूर्ण यात्रा के पहले चरण में इंडोनेशिया पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कूटनीति के साथ-साथ दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों को एक नई ऊंचाई दी है। प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ विशेष विमान से योग्याकार्ता स्थित यूनेस्को की विश्व धरोहर और इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर 'प्रम्बानन परिसर' पहुंचे। इस ऐतिहासिक दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों की साझी सांस्कृतिक विरासत को सबसे बड़ी ताकत बताते हुए भावुक मन से कहा कि "इंडोनेशिया की हवा में संस्कृति की अनूठी खुशबू रची-बसी है।"

प्रम्बानन मंदिर परिसर के दौरे के बाद दोनों देशों ने एक संयुक्त बयान जारी किया। भारत और इंडोनेशिया के बीच इस वैश्विक विरासत के संरक्षण और जीर्णोद्धार परियोजना को लेकर एक बड़ा समझौता हुआ है, जिसमें भारत तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करेगा। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "राष्ट्रपति सुबियांतो ने साल 2029 से पहले इस भव्य मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य पूरा करने का संकल्प लिया है। वे बेहद योजनाबद्ध तरीके से काम करते हैं, इसलिए मुझे पूरा विश्वास है कि यह ऐतिहासिक काम समय पर पूरा होगा। इस गौरवशाली स्थल के पुनरुद्धार का हिस्सा बनने पर भारत को गर्व है। काम पूरा होने के बाद हम इंडोनेशिया आकर एक साथ इसका जश्न मनाएंगे। योग्याकार्ता शहर से करीब 17 किलोमीटर दूर स्थित प्रम्बानन मंदिर परिसर को इंडोनेशिया का सबसे विशाल हिंदू मंदिर माना जाता है। 10वीं शताब्दी में निर्मित यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित सबसे बड़ा परिसर है। यूनेस्को के अनुसार, इस परिसर के केंद्र में तीन मुख्य मंदिर हैं, जो त्रिदेव शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित हैं। इनके ठीक सामने तीन अन्य मंदिर उन वाहनों (जानवरों) के हैं जो इन देवताओं की सेवा करते हैं। इस पूरे मंदिर की दीवारों पर रामायण महाकाव्य की बेहद खूबसूरत और सजीव नक्काशी उकेरी गई है, जो भारत और इंडोनेशिया के प्राचीन संबंधों की गवाह है। इस सांस्कृतिक यात्रा से ठीक पहले दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच जकार्ता में कई अहम मुद्दों पर उच्चस्तरीय कूटनीतिक चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच रक्षा, तकनीक और कृषि सहयोग को बढ़ाने पर विस्तार से सहमति बनी। इस बैठक का सबसे बड़ा आकर्षण इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को लेकर हुआ करार रहा। समझौते के तहत, भारत अब इंडोनेशिया की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार की गई 'अनुकूलित भारतीय इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों' का निर्यात इंडोनेशिया को करेगा, जिसके लिए दोनों देशों ने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके अलावा रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए 'ब्रह्मोस मिसाइल' के रणनीतिक सहयोग और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने पर भी गहन चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को जकार्ता पहुंचे थे, जहाँ उनका अभूतपूर्व स्वागत किया गया। बुधवार को प्रम्बानन मंदिर के दौरे और तमाम महत्वपूर्ण समझौतों के बाद प्रधानमंत्री मोदी अपने तीन देशों के दौरे के अगले चरण के लिए ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न के लिए रवाना हो गए। इस यात्रा के आखिरी चरण में वे न्यूजीलैंड का भी दौरा करेंगे।