पाकिस्तानी कनेक्शन का बड़ा खुलासाः उत्तराखण्ड की टीचर सोनम को लेकर चौंकाने वाले खुलासे! करोड़ों के ट्रांजेक्शन मामला, दोस्त और रिश्तेदार भी जांच के दायरे में

A major revelation about the Pakistani connection: Shocking revelations about Uttarakhand teacher Sonam! A multi-crore transaction case, with friends and relatives also under investigation.

हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कलियर थाना क्षेत्र की रहने वाली एक निजी स्कूल की महिला टीचर सोनम को पाकिस्तानी कनेक्शन और संदिग्ध बैंक ट्रांजेक्शन के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरिद्वार पुलिस के साथ संयुक्त रूप से अंजाम दिया। मामले में अब कई सनसनीखेज खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस के अनुसार सोनम के तार पाकिस्तान में बैठे कुछ संदिग्ध लोगों से जुड़े पाए गए हैं। आरोप है कि उसने बेहद गोपनीय तरीके से अलग-अलग बैंक खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर की। जांच के दौरान उसके पास से कई एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक और मोबाइल सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के बदले कमीशन लेती थी। जानकारी के मुताबिक जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पहले कठुआ से राहुल खान नामक युवक को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान राहुल खान ने सोनम का नाम उजागर किया। इसके बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस हरिद्वार पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से सोनम के घर पर छापा मारा। कार्रवाई के बाद उसे गिरफ्तार कर जम्मू-कश्मीर ले जाया गया।

20 लाख रुपए ट्रांसफर, बदले में मिला 2 लाख का कमीशन
हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने आज मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पूछताछ में सोनम ने स्वीकार किया है कि उसने अब तक करीब 20 लाख रुपए विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर किए हैं। इसके बदले उसे लगभग 2 लाख रुपए कमीशन के रूप में मिले। पुलिस के मुताबिक यह रकम यूपीआई, एटीएम और बैंक खातों के माध्यम से अलग-अलग खातों में भेजी गई। अभी तक 20 से 25 बैंक खातों में संदिग्ध ट्रांजेक्शन की पुष्टि हुई है।

दोस्त और रिश्तेदार भी जांच के दायरे में
पुलिस अब सोनम के संपर्क में रहे दोस्तों, रिश्तेदारों और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की कुंडली खंगाल रही है। जांच एजेंसियां उन खाताधारकों की भी पड़ताल कर रही हैं, जिनके खातों में रकम ट्रांसफर की गई। एसएसपी भुल्लर के अनुसार पुलिस उन एटीएम कार्ड, मोबाइल सिम और बैंक पासबुक की भी गहन जांच कर रही है, जो सोनम के पास से बरामद हुए हैं। आशंका जताई जा रही है कि यह एक बड़ा नेटवर्क हो सकता है, जिसमें और भी लोग शामिल हैं। संयुक्त पूछताछ में सोनम ने बताया कि वह अपनी एक महिला मित्र के माध्यम से उमर नाम के व्यक्ति के संपर्क में आई थी। बाद में उसकी बातचीत उमर के कजन हसीन से कराई गई। पुलिस का दावा है कि पार्सल के जरिए सोनम तक एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और बैंक पासबुक पहुंचाई जाती थीं। जांच एजेंसियों का कहना है कि सोनम के बैंक खातों में पहले नकदी जमा की जाती थी, जिसके बाद वह रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क के पीछे कौन लोग सक्रिय हैं और इसका मकसद क्या था।

जल्द हो सकती हैं और गिरफ्तारियां
पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस मामले में जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। स्थानीय पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस मिलकर पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि कहीं यह मामला सिर्फ वित्तीय धोखाधड़ी तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा संगठित नेटवर्क सक्रिय है।