चारधाम यात्रा में बड़ा हादसा टलाः हाईटेंशन लाइन में फंसा हेलीकॉप्टर! महिला पायलट की सूझबूझ से बचीं छह जिंदगियां, कराई इमरजेंसी लैंडिंग
नई टिहरी। विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा के दौरान बुधवार सुबह एक बड़ा हवाई हादसा होते-होते टल गया। बदरीनाथ धाम से यात्रियों को लेकर देहरादून जा रहा ट्रांस भारत एविएशन कंपनी का हेलीकॉप्टर टिहरी गढ़वाल जिले के सकलाना क्षेत्र अंतर्गत सत्यों-नौगांव के ऊपर अचानक 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गया। हेलीकॉप्टर का पिछला रोटर बिजली के तार में उलझ गया, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई और हेलीकॉप्टर बुरी तरह हिचकोले खाने लगा। हालांकि महिला पायलट अनुपमा चौधरी ने अद्भुत साहस, सूझबूझ और धैर्य का परिचय देते हुए हेलीकॉप्टर को नियंत्रित रखा और बड़ी दुर्घटना को टालते हुए सकलाना क्षेत्र के खेतों में सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग करा दी। इस दौरान हेलीकॉप्टर में सवार सभी छह यात्रियों की जान सुरक्षित बच गई।
घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। जानकारी के अनुसार ट्रांस भारत एविएशन कंपनी का हेलीकॉप्टर बुधवार सुबह बदरीनाथ धाम से यात्रियों को लेकर देहरादून के लिए रवाना हुआ था। हेलीकॉप्टर को तय रूट के अनुसार पहले गुप्तकाशी पहुंचना था, लेकिन उड़ान के दौरान पायलट को सीधे देहरादून जाने का संदेश मिला। इसके बाद हेलीकॉप्टर को वैकल्पिक मार्ग से चंबा-आराकोट क्षेत्र के ऊपर से उड़ान भरनी पड़ी। सुबह करीब साढ़े नौ बजे, जब हेलीकॉप्टर सकलाना क्षेत्र के ऊपर पहुंचा, तभी अचानक उसका पिछला रोटर 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया और तार उसमें फंस गया। तार फंसते ही हेलीकॉप्टर बुरी तरह डगमगाने लगा। यात्रियों के मुताबिक उस समय कुछ क्षणों के लिए ऐसा लगा मानो हेलीकॉप्टर अब नीचे गिर जाएगा। हेलीकॉप्टर में सवार यात्रियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना के दौरान अंदर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। यात्री घबरा गए थे और चीख-पुकार मच गई थी। लेकिन पायलट अनुपमा चौधरी ने बेहद संयम बनाए रखा और हेलीकॉप्टर को अनियंत्रित होने से बचाते हुए धीरे-धीरे नीचे लाकर खेतों में सुरक्षित उतार दिया। इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान हेलीकॉप्टर का पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन किसी यात्री को चोट नहीं आई। हेलीकॉप्टर में पायलट अनुपमा चौधरी के अलावा पुत्र राज सूरी, श्रीराज सूरी, भूमि सूरी, पार्थ सूरी, हिमांशी पटेल और निष्का सवार थे। सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही चंबा-सत्यो पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और राहत-बचाव दल तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने हेलीकॉप्टर के आसपास सुरक्षा घेरा बनाकर राहत कार्य शुरू किया और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। धनोल्टी तहसीलदार मोहम्मद शादाब ने बताया कि पायलट की सूझबूझ और कुशलता के कारण बड़ा हादसा टल गया। यदि थोड़ी भी चूक होती तो हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो सकता था और भारी जनहानि हो सकती थी। उन्होंने बताया कि सभी यात्रियों को सुरक्षित सत्यों से सड़क मार्ग द्वारा देहरादून भेज दिया गया है।