उत्तराखण्डः रेल परियोजना से मकानों में आईं दरारें, लेकिन नहीं मिला पूरा मुआवजा! मुआवजा सूची से नाम गायब होने पर भड़के ग्रामीण, धरना शुरू

Uttarakhand: Houses develop cracks due to rail project, yet full compensation remains unpaid! Villagers outraged over names missing from compensation list; sit-in protest begins.

रुद्रप्रयाग। मवाणा गांव में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के तहत मुआवजे को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। प्रभावित परिवारों ने मुआवजा वितरण में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए नगरासू स्थित परियोजना के मुख्य गेट पर धरना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना के कारण उनके मकानों में दरारें आईं, लेकिन कई पात्र परिवारों को मुआवजे से वंचित कर दिया गया। सोमवार सुबह करीब आठ बजे से बड़ी संख्या में ग्रामीण रेलवे परियोजना के मुख्य गेट के सामने धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि निर्माण कार्य के चलते उनके मकानों और आंगनों को नुकसान पहुंचा, लेकिन मुआवजा सूची में कई प्रभावित परिवारों के नाम शामिल ही नहीं किए गए। वहीं, कुछ लोगों को नुकसान की तुलना में बेहद कम मुआवजा मिलने का भी आरोप लगाया जा रहा है। क्षेत्र पंचायत सदस्य सतीश राणा का कहना है कि सर्वे के दौरान सभी प्रभावित परिवारों का विवरण दर्ज किया गया था, लेकिन अंतिम सूची में कई पात्र लोगों के नाम गायब हैं। उन्होंने प्रशासन से मुआवजा सूची का दोबारा सत्यापन कराने और सभी प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सुबह से धरना जारी है, लेकिन न तो प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही रेलवे परियोजना से जुड़ी कंपनी का कोई प्रतिनिधि। इससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।