नैनीताल की अनोखी हस्तशिल्प कला बनी पर्यटकों की पहली पसंद! पेड़ों की जड़ों, सूखी टहनियों और देवदार के शंकुओं से तैयार कलाकृतियां खरीदने उमड़ रहे सैलानी

Nainital's unique handicrafts have become a top choice for tourists! Visitors are flocking to buy artworks crafted from tree roots, dried twigs, and deodar cones.

नैनीताल। नैनीताल में स्थानीय कारीगरों की कला पर्यटकों को खूब आकर्षित कर रही है। पेड़ों की जड़ों, सूखी टहनियों, प्राकृतिक लकड़ी और देवदार के शंकुओं से तैयार किए गए आकर्षक हस्तशिल्प इन दिनों सड़क किनारे सजे स्टॉलों की पहचान बन चुके हैं। इन अनूठी कलाकृतियों को पर्यटक स्मृति चिन्ह के रूप में खरीद रहे हैं, जिससे स्थानीय कारीगरों की आजीविका को भी मजबूती मिल रही है। ज्योलिकोट निवासी ललित साह बताते हैं कि पिछले 35 वर्षों से हस्तशिल्प निर्माण के कार्य से जुड़े हैं। पहले नैनीताल में पर्यटकों की संख्या सीमित होती थी, लेकिन कैंची धाम की लोकप्रियता बढ़ने के बाद पूरे क्षेत्र में पर्यटन को नया आयाम मिला है। अब वर्षभर पर्यटकों का आवागमन बना रहता है, जिससे हस्तशिल्प व्यवसाय को भी निरंतर लाभ मिल रहा है। स्थानीय कारीगरों का मानना है कि यदि उन्हें सरकारी स्तर पर पर्याप्त सहयोग, विपणन के अवसर और कच्चे माल की सुगम उपलब्धता मिले, तो उत्तराखंड की यह पारंपरिक हस्तशिल्प कला देश-विदेश में नई पहचान बना सकती है।