खाकी पर कलंकः हरियाणा में कैंसर पीड़ित युवक ने थाने में कुकर्म का लगाया आरोप! दो एएसआई और होमगार्ड निलंबित
कुरुक्षेत्र। हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले से सामने आए एक सनसनीखेज मामले ने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लाडवा उपमंडल में एक निजी बैंक में कार्यरत कैंसर पीड़ित युवक ने लाडवा थाने में तैनात दो असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) और एक होमगार्ड जवान पर मारपीट और कथित कुकर्म का गंभीर आरोप लगाया है। मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। शुरुआती कार्रवाई के तहत दोनों एएसआई और होमगार्ड जवान को निलंबित कर दिया गया है, जबकि पूरे मामले की जांच जारी है। पीड़ित युवक का कहना है कि उसकी बाईं टांग में कैंसर है और उसका कीमोथैरेपी के जरिए इलाज चल रहा है। हाल ही में कीमोथैरेपी होने के कारण उसके सिर और शरीर के बाल झड़ चुके हैं। युवक के अनुसार, 17 जून की रात वह बैंक की ड्यूटी समाप्त कर घर लौट रहा था। इसी दौरान इंद्री नाके पर ड्यूटी कर रहे एक होमगार्ड जवान ने उसे रोक लिया। युवक का आरोप है कि उसने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था, जिसे हटाने को कहा गया। विरोध करने पर डायल-112 पर तैनात पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंच गए और उसे जबरन पुलिस वाहन में बैठाकर लाडवा थाने ले जाया गया। युवक का आरोप है कि थाने में पहले उसे करीब आधे घंटे तक बैठाकर रखा गया। इसके बाद रात में एक कमरे में ले जाकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। पीड़ित का दावा है कि दो एएसआई और एक होमगार्ड ने उसके कपड़े उतरवाए और उसके साथ अप्राकृतिक यौन उत्पीड़न किया। युवक का आरोप है कि इस दौरान आरोपियों ने आपत्तिजनक टिप्पणियां भी कीं और उसके साथ दो बार कुकर्म किया। घटना के बाद उसकी हालत बिगड़ गई और निजी अंग से रक्तस्राव शुरू हो गया। पीड़ित का कहना है कि शर्म और भय के कारण उसने शुरुआत में यह बात अपने परिजनों को भी नहीं बताई।
जब रक्तस्राव लगातार बढ़ता गया तो वह इलाज के लिए कुरुक्षेत्र के सरकारी अस्पताल पहुंचा। वहां से उसे एलएनजेपी अस्पताल रेफर किया गया। युवक ने यह भी आरोप लगाया कि उसने लाडवा थाना प्रभारी को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी, लेकिन उसकी कोई मदद नहीं की गई। बाद में मामला मीडिया में आने के बाद पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंचे और उसका बयान दर्ज किया गया। एलएनजेपी अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि युवक निजी अंग से रक्तस्राव की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचा था। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, पुलिस को सूचना देकर पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि विस्तृत मेडिकल जांच और रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट रूप से बताया जा सकेगा कि युवक के साथ क्या हुआ। वहीं मारपीट के संबंध में पहले कराए गए मेडिकल परीक्षण में चोटों की पुष्टि होने की बात भी सामने आई है। मामले पर कुरुक्षेत्र के डीएसपी निर्मल सिंह ने कहा कि सरकारी अस्पताल से सूचना मिलने के बाद पीड़ित के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। युवक द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस मामले में लाडवा थाने के दो असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर और एक होमगार्ड जवान को निलंबित कर दिया गया है। घटना ने पुलिस हिरासत में लोगों की सुरक्षा, मानवाधिकारों के संरक्षण और पुलिस व्यवस्था की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पूरे मामले की नजर मेडिकल रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी हुई है, जिसके बाद ही घटना की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।