ब्रेकिंग:शामली धर्मांतरण मामले में नया मोड़!धर्म परिवर्तन कर मोहम्मद अली बने आयुष मलिक ने की घर वापसी!दोबारा अपनाया सनातन धर्म,दादी ने तिलक लगाकर किया स्वागत

A new twist in the Shamli conversion case! Ayush Malik, who converted to Islam and became Mohammad Ali, returns home! He has embraced Sanatan Dharma again, and his grandmother welcomes him with a til

उत्तर प्रदेश के शामली जिले में चर्चित धर्मांतरण प्रकरण एक बार फिर सुर्खियों में है। धर्म परिवर्तन के बाद मोहम्मद अली नाम से पहचान बनाने वाले आयुष मलिक ने पुनः सनातन धर्म स्वीकार कर लिया है।

उनकी घर वापसी के बाद एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आयुष स्वयं यह कहते दिखाई दे रहे हैं कि उन्होंने अपनी इच्छा से इस्लाम धर्म अपनाया था, लेकिन परिवार की भावनाओं और उनकी परेशानियों को देखते हुए दोबारा सनातन परंपरा में लौटने का निर्णय लिया है।

आयुष के पिता देवराज मलिक ने दावा किया है कि उनके बेटे ने विधिवत रूप से पुनः हिंदू धर्म अपना लिया है। इससे पहले देवराज मलिक ने आरोप लगाया था कि उनके पुत्र का धर्म परिवर्तन एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य करोड़ों रुपये की पारिवारिक संपत्ति पर कब्जा करना था। उन्होंने आरोप लगाया था कि चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी ने कथित रूप से आयुष को प्रभावित कर परिवार से दूर करने और धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया।

यह मामला उस समय चर्चा में आया था जब देवराज मलिक की शिकायत के आधार पर पुलिस ने चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार किया था। दोनों के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। शिकायत में कहा गया था कि आयुष मलिक अपने परिवार के मेडिकल व्यवसाय में सहयोग करते थे, लेकिन चांदनी के संपर्क में आने के बाद उनके व्यवहार और जीवनशैली में बदलाव आने लगा।

परिवार के अनुसार, आयुष और चांदनी की मुलाकात वर्ष 2018 में एक अस्पताल में हुई थी, जहां आयुष उपचार के लिए पहुंचे थे। इसके बाद दोनों के बीच निकटता बढ़ी और धीरे-धीरे चांदनी के परिवार के अन्य सदस्य भी आयुष के संपर्क में आए। शिकायत में आरोप लगाया गया कि वर्ष 2023 में आयुष को दिल्ली ले जाया गया, जहां उनका धर्म परिवर्तन कराया गया और उन्हें मोहम्मद अली नाम दिया गया। इसी दौरान निकाह समारोह आयोजित होने की भी बात कही गई थी, हालांकि जांच के दौरान किसी वैध विवाह प्रमाणपत्र की पुष्टि नहीं हो सकी।

 

परिवार ने यह भी दावा किया था कि धर्म परिवर्तन के बाद आयुष ने अपनी जीवनशैली में बदलाव करते हुए दाढ़ी रखना, नियमित नमाज अदा करना और पहनावे में परिवर्तन जैसे धार्मिक आचरण अपनाए थे। पुलिस ने इस मामले में धर्म परिवर्तन से संबंधित कानूनों के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया था। एफआईआर में चांदनी और इस्लाम कुरैशी के अतिरिक्त परिवार के अन्य सदस्यों तथा दो अज्ञात मौलवियों के नाम भी शामिल किए गए थे।

अब आयुष मलिक की घर वापसी के बाद यह मामला एक बार फिर सार्वजनिक और सामाजिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। वहीं, इस पूरे प्रकरण को लेकर न्यायिक और कानूनी प्रक्रिया अभी भी महत्वपूर्ण बनी हुई है।