लोकतंत्र का महापर्व: उत्तराखंड के तीन नवगठित निकायों में मतदान शुरू, 10 हजार से अधिक वोटर लिखेंगे नया इतिहास

A Grand Festival of Democracy: Voting begins in three newly formed civic bodies in Uttarakhand; over 10,000 voters set to script a new chapter in history.

देहरादून। उत्तराखंड के विकास और स्थानीय राजनीति के लिहाज से आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। सूबे के तीन नवगठित नगर निकायों में आज सुबह 8 बजे से मतदान की प्रक्रिया कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हो गई है। उत्तराखंड राज्य निर्वाचन आयोग की चाक-चौबंद तैयारियों के बीच नगर पालिका परिषद नरेंद्र नगर, नगर पंचायत गढ़ीनेगी और नगर पंचायत पाटी में अध्यक्ष पद और वार्ड सदस्यों को चुनने के लिए मतदाता अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं। यह वोटिंग शाम 5:00 बजे तक लगातार जारी रहेगी। इन नवगठित निकायों के भविष्य का फैसला करने के लिए कुल 10,251 मतदाता 18 वार्डों और 19 मतदान स्थलों पर अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। 

राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक, मतदान संपन्न होने के बाद 11 जून 2026 को सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी और उसी दिन परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। ऊधम सिंह नगर के गढ़ीनेगी क्षेत्र और चंपावत जिले के पाटी क्षेत्र को हाल ही में नगर पंचायत घोषित किया गया है। इन दोनों ही क्षेत्रों में इतिहास में पहली बार निकाय चुनाव के लिए वोट डाले जा रहे हैं, जिसे लेकर स्थानीय जनता में अभूतपूर्व उत्साह है। यहाँ नगर पंचायत अध्यक्ष (अनारक्षित पद) और 7 वार्ड सदस्यों के लिए मुकाबला बेहद रोचक है। इस नवगठित नगर पंचायत के अध्यक्ष पद को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया है। यहाँ अध्यक्ष पद के लिए 3 प्रत्याशी मैदान में हैं, जबकि 14 प्रत्याशी वार्ड सभासद के लिए अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। पाटी के कुल 2,067 मतदाता आज इन सभी के भाग्य का फैसला ईवीएम और मतपत्रों के जरिए कर रहे हैं। यहाँ की नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष (अनारक्षित पद) और 7 सदस्यों के पदों पर भी शांतिपूर्ण मतदान जारी है। नवगठित नगर पंचायत पाटी में लोकतंत्र की एक खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। सुबह ठीक 8 बजे मतदान केंद्रों के खुलते ही बुजुर्गों से लेकर पहली बार वोट डाल रहे युवाओं की लंबी कतारें लग गईं। मौनकांडा की रहने वाली युवा मतदाता चाहत मौनी ने पाटी नगर पंचायत में इस ऐतिहासिक चुनाव का पहला वोट डाला। पहली बार मतदान करने के बाद चाहत ने गर्व से कहा कि उन्होंने नगर पंचायत की साफ-सफाई और स्थानीय व्यवस्थाओं को विश्वस्तरीय और बेहतर बनाने के संकल्प के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। चंपावत के जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि सभी संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि मतदाता बिना किसी भय या परेशानी के अपनी पहली स्थानीय सरकार चुन सकें। इस चुनाव में भ्रम से बचाने के लिए निर्वाचन आयोग ने खास व्यवस्था की है; मतदाताओं को अध्यक्ष पद के लिए गुलाबी रंग का मतपत्र और सदस्य पद के लिए सफेद रंग का मतपत्र दिया जा रहा है। शाम पांच बजे तक पेटियों में बंद होने वाले इन मतों का नतीजा 11 जून की दोपहर तक साफ हो जाएगा।