सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के बाद खुली पोलः आरटीई अधिनियम का उल्लंघन करते हुए चल रहा था स्कूल! रुद्रपुर में शिक्षा विभाग बड़ी कार्रवाई, बंद करने का दिया आदेश

A complaint to the CM Helpline exposed the school: it was operating in violation of the RTE Act! The Education Department took major action in Rudrapur, ordering its closure.

रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर जिला मुख्यालय रुद्रपुर में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना मान्यता के चलते रहे एक स्कूल को बंद करने के आदेश दिए हैं। सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने ये बड़ी कार्रवाई की है। रुद्रपुर में मलिक कॉलोनी स्थित ब्लू डायमंड एकेडमी के खिलाफ 26 दिसंबर 2025 को शिकायतकर्ता ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि यह एकेडमी बिना मान्यता के संचालित हो रही है। पूर्व में उप शिक्षा अधिकारी की जांच में भी यह तथ्य सामने आया था। बताया गया कि जांच के दौरान उप शिक्षा अधिकारी ने एकेडमी को शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 का उल्लंघन बताते हुए तत्काल संचालन बंद करने के निर्देश दिए थे। साथ ही चेतावनी दी गई थी कि यदि आदेश का पालन नहीं किया गया, तो एक लाख रुपये का अर्थदंड और कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद विद्यालय का संचालन जारी रहा, जो विभागीय आदेशों की अवहेलना और आरटीई एक्ट की धारा 18 के तहत दंडनीय अपराध माना जा रहा है। शिकायत में विद्यालय को तत्काल सीलबंद करने, नियमानुसार एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाने, आदेशों की अनदेखी में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने तथा विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की गई थी। शिकायत के बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी केएस रावत ने 6 फरवरी को उप शिक्षा अधिकारी मो. सावेद आलम को मामले की जांच के निर्देश दिए। जांच में विद्यालय संचालित पाया गया, जिसके बाद 16 फरवरी को रिपोर्ट मुख्य शिक्षा अधिकारी को भेजी गई। मुख्य शिक्षा अधिकारी कुंवर सिंह रावत ने बताया कि जानकारी मिलते ही ब्लू डायमंड एकेडमी स्कूल को तत्काल बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। यदि प्रबंधन आदेश का पालन नहीं करता है, तो पुलिस प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी। विद्यालय में पढ़ रहे विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग वैकल्पिक व्यवस्था करेगा और उनका शैक्षणिक सत्र प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।