उत्तराखंड के 71 विधायको ने अपनी विधायक निधि खर्च करने में साबित हुए फिसड्डी, जानिए किसने कितना किया खर्च
उत्तराखंड गठन को 21 साल पूरे होने जा रहे हैं। 9 नवंबर 2021 को हमारा प्रदेश बालिग़ अवस्था में आ जाएगा। लेकिन आजतक इन 21 सालों में राज्य आंदोलनकारियों के सपनों का उत्तराखंड बनने का सपना साकार नहीं हो पाया। विकास की नई रखकर उत्तराखंड राज्य का गठन किया गया था लेकिन हमारे माननीयों नेताओं को शायद प्रदेश की डगमगाती व्यवस्था से कोई लेना-देना ही नहीं है। तभी तो विधायक और मंत्री अपनी निधि को ही खर्च करने में हमेशा ही फिसड्डी साबित हुए हैं।
इस बार भी भाजपा शासन कार्यकाल में हुए विधायक निधि के खर्च का खुलासा हुआ है। आपको बता दे काशीपुर निवासी आरटीआई कार्यकर्ता नदीमउद्दीन ने उत्तराखंड के ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय से विधायक निधि खर्च संबंधी सूचना मांगी थी। सूचना से खुलासा हुआ है कि वर्तमान विधायकों को साल 2017 से सितंबर 2021 तक कुल 1256.50 करोड़ रुपए की विधायक निधि उपलब्ध हुई. इसमें से केवल 77 प्रतिशत यानी 963.40 करोड़ की विधायक निधि ही खर्च हो सकी है. जबकि 23 प्रतिशत यानी 293.10 करोड़ की विधायक निधि खर्च होनी शेष है।
बता दें, उत्तराखंड के 71 विधायकों में से 12 विधायकों की 70 प्रतिशत से कम विधायक निधि खर्च हुई है। एक विधायक की केवल 50 प्रतिशत विधायक निधि ही खर्च कर पाए है। 90 प्रतिशत विधायक निधि खर्च होने वाले विधायकों में केवल एक विधायक शामिल है। सबसे कम विधायक निधि 50 प्रतिशत खर्च करने वालों में केदारनाथ विधायक मनोज रावत हैं जबकि सर्वाधिक 90 प्रतिशत खर्च करने वाले नैनीताल विधायक संजीव आर्य हैं।
धन सिंह रावत ने की 60 प्रतिशत विधायक निधि खर्च वाले विधायक हैं। 61 से 65 प्रतिशत खर्च वाले विधायकों में महेश नेगी, सुरेन्द्र सिंह नेगी, सहदेव पुंडीर शामिल हैं। 66 से 70 प्रतिशत वालों में प्रीतम सिंह, मगन लाल शाह, मदन सिंह कौशिक, मुन्ना सिंह चौहान, करन मेहरा, पुष्कर सिंह धामी, विनोद चमोली, महेन्द्र भट्ट शामिल हैं। 71 से 75 प्रतिशत खर्च वाले विधायकों में प्रेम चन्द्र, यशपाल आर्य, सुरेन्द्र सिंह जीना, राजकुमार ठुकराल, केदार सिंह रावत, खजान दास, हरवंश कपूर, गोविन्द सिंह कुंजवाल, त्रिवेन्द्र सिंह रावत, सतपाल महाराज, राजकुमार, विजय सिंह पंवार, सुबोध उनियाल शामिल हैं।
76 से 80 प्रतिशत खर्च वाले विधायकों में राजेश शुक्ला, हरीश सिंह धामी, हरभजन सिंह चीमा, हरक सिंह, उमेश शर्मा, दीवान सिंह बिष्ट, पूरन सिंह फर्त्याल, भारत सिंह चौधरी, इंदिरा हृदयेश (अब स्वर्गीय), अरविन्द पांडेय, आदेश सिंह चौहान (जसपुर), रेखा आर्य, देशराज कर्णवाल, बलवंत सिंह, रितु खंडूरी, सुरेश राठौर, चन्द्रा पंत, ममता राकेश, शक्तिलाल शाह, रघुनाथ चौहान, कैलाश गहतोड़ी, चन्दन राम दास शामिल हैं. 81 से 85 प्रतिशत खर्च वाले विधायकों में दिलीप सिंह रावत, गणेश जोशी, यतीश्वरानन्द, बिशन सिंह चुफाल, प्रेम सिंह राणा, मुकेश कोली, जीआईजी मैनन, मीना गंगोला, काजी निजामुद्दीन, प्रीतम सिंह पंवार, संजय गुप्ता, विनोद भंडारी, सौरभ बहुगुणा, प्रदीप बत्रा शामिल हैं।
86 से 90 प्रतिशत विधायक निधि खर्च वाले विधायकों में कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन, राम सिंह केड़ा, फुरकान अहमद, आदेश चौहान (रानीपुर), बंशीधर भगत, धन सिंह नेगी, नवीन चन्द्र दुम्का, गोपाल सिंह रावत, तथा संजीव आर्य शामिल हैं।
माननीय मंत्री महोदयो के विधायक निधि के खर्च का विवरण
पुष्कर सिंह धामी (सीएम)-खटीमा-69 प्रतिशत - 5 करोड़ 57 लाख
बंशीधर भगत- कालाढूंगी - 87 प्रतिशत - 2 करोड़ 29 लाख
यतीश्वरानंद, हरिद्वार ग्रामीण - 81 प्रतिशत - 3 करोड़ 33 लाख
बिशन सिंह चुफान ,डीडीहाट - 81 प्रतिशत - 3 करोड़ 31 लाख
यशपाल आर्य, बाजपुर - 71 प्रतिशत - 5 करोड़ 19 लाख
हरक सिंह रावत, कोटद्वार - 77 प्रतिशत - 4 करोड़ 15 लाख
डॉ. धन सिंह रावत, श्रीनगर - 60 प्रतिशत - 7 करोड़ 71 लाख
गणेश जोशी, मसूरी - 81 प्रतिशत - 3 करोड़ 46 लाख
सुबोध उनियाल, नरेंद्र नगर - 75प्रतिशत - 4 करोड़ 43 लाख
रेखा आर्य, सोमेश्वर - 78 प्रतिशत - 3 करोड़ 91 लाख
अरविंद पांडे, गदरपुर - 78 प्रतिशत - 3 करोड़ 94 लाख