70वीं बीपीएससी का फाइनल रिजल्ट जारी: श्रद्धा पांडेय बनीं टॉपर, 2027 अभ्यर्थियों ने गाड़ा सफलता का झंडा

70th BPSC Final Results Declared: Shraddha Pandey Emerges as Topper; 2,027 Candidates Achieve Success

पटना। बिहार के लाखों प्रतियोगी छात्रों का लंबा इंतजार शनिवार को आखिरकार खत्म हो गया। बिहार लोक सेवा आयोग ने 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में कुल 2027 अभ्यर्थियों ने बाजी मारी है। बीपीएससी के अध्यक्ष रवि मनुभाई परमार ने आयोग कार्यालय में परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह और सचिव सत्यप्रकाश शर्मा की मौजूदगी में इस ऐतिहासिक रिजल्ट की घोषणा की।

इसके साथ ही बिहार प्रशासनिक सेवा और बिहार पुलिस सेवा सहित विभिन्न विभागों के 2035 पदों के लिए करीब दो वर्षों से चली आ रही चयन प्रक्रिया अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई। सफल अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.bpsc.nic.in पर अपना परिणाम देख सकते हैं। परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार ने बताया कि टॉप-10 में पांच पुरुष और पांच महिलाएं शामिल हैं, जो राज्य में महिला सशक्तिकरण की बुलंद तस्वीर पेश करता है। यही नहीं, टॉप 100 में भी 45 महिलाओं ने अपनी जगह बनाई है। इस परीक्षा की एक खास बात यह भी रही कि सफल अभ्यर्थियों में लगभग 300 उम्मीदवार बिहार से बाहर के राज्यों के हैं। कुल 2035 पदों में से केवल 8 पद (मूक-बधिर दिव्यांग श्रेणी) योग्य उम्मीदवार न मिलने के कारण खाली रह गए हैं। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आयोग के अध्यक्ष रवि मनुभाई परमार काफी आक्रामक मूड में नजर आए। उन्होंने रिजल्ट में हुई देरी और परीक्षा के दौरान हुए विवादों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि इस परीक्षा को रद्द कराने के लिए करीब 4 महीने तक आंदोलन चला, व्यक्तिगत केस से लेकर पीआईएल तक दायर की गई। हाईकोर्ट से फटकार खाने के बाद कुछ लोग सुप्रीम कोर्ट तक चले गए, लेकिन वहां भी उन्हें निराशा हाथ लगी। सुप्रीम कोर्ट के हरी झंडी देने के बाद आयोग ने 25 से 30 अप्रैल 2025 के बीच मुख्य परीक्षा आयोजित की। उत्तर पुस्तिकाओं की कड़ाई से जांच करने के लिए तीन स्तरीय इवैल्यूएशन (मूल्यांकन) कराया गया ताकि किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो। इसके बाद 5449 अभ्यर्थियों का दो चरणों में पारदर्शी इंटरव्यू लिया गया। रवि मनुभाई परमार ने अभ्यर्थियों को बरगलाने वाले तत्वों और कोचिंग संचालकों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि परीक्षा को कैंसिल कराने के लिए परीक्षा माफिया और कोचिंग माफिया ने सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो फैलाए। एक तथाकथित 'गुरु जी' ने वीडियो में यह तक दावा कर दिया था कि सारी  अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि आज रिजल्ट आने के बाद कई कोचिंग संस्थान भ्रामक दावे करना शुरू कर देंगे कि उनके यहां से 250 से अधिक छात्र पास हुए हैं, जबकि हकीकत यह है कि इन अभ्यर्थियों ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर सुशासन की इस परीक्षा को पास किया है।