बड़ी खबरः छात्र प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट सख्त! केंद्र से पूछा- क्या है SOP?

Big News: Supreme Court takes a tough stance on the use of pellet guns during student protests! Asks the Centre: What is the SOP?

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर मेटैलिक पैलेट गन के इस्तेमाल के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने केंद्र से पूछा कि पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) क्या है और सुरक्षा बलों द्वारा बल प्रयोग के लिए किन प्रक्रियाओं का पालन किया जाता है। अदालत ने केंद्र सरकार से बल प्रयोग से संबंधित प्रक्रिया और दिशा-निर्देशों को रिकॉर्ड पर रखने को कहा है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की तरफ से वरिष्ठ वकील वृंदा ग्रोवर ने कहा कि जंतर-मंतर प्रदर्शन में घायल छात्रों के शरीर से मेटैलिक पैलेट निकाले गए, जबकि दिल्ली पुलिस की एसओपी में रबर बुलेट और प्लास्टिक पैलेट जैसे कम घातक विकल्पों का जिक्र है। उनका तर्क था कि मेटैलिक पैलेट के इस्तेमाल की इजाजत नहीं है और बल प्रयोग के लिए तय 'ग्रेडेड रिस्पॉन्स' का पालन भी नहीं किया गया। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि बल प्रयोग से जुड़े स्टैंडिंग ऑर्डर और 'ग्रेडेड यूज ऑफ फोर्स' की पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड पर पेश की जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर याचिकाकर्ता पूरे नियमों और बल प्रयोग की नीति को चुनौती देना चाहते हैं तो उन्हें अपनी याचिका में संशोधन करना होगा। कोर्ट ने संकेत दिया कि वह चरणबद्ध बल प्रयोग की व्यवस्था और उसके प्रोटोकॉल की वैधता पर भी विचार कर सकता है। याचिका में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक लगाने, 20 जुलाई के प्रदर्शन में घायल सभी लोगों को मुआवजा देने और उनका समुचित इलाज सुनिश्चित करने की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन का इस्तेमाल न सिर्फ असंगत है, बल्कि संवैधानिक मूल्यों के भी खिलाफ है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने लेडी हार्डिंग अस्पताल को भी निर्देश दिया कि पैलेट से घायल याचिकाकर्ता और उसी प्रदर्शन में घायल अन्य लोगों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। केंद्र सरकार की ओर से अदालत को भरोसा दिलाया गया कि जांच से जुड़े मेडिकल रिकॉर्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखे जाएंगे। मामले की अगली सुनवाई में केंद्र सरकार से पैलेट गन के इस्तेमाल की एसओपी और उससे जुड़े नियमों पर विस्तृत जवाब मांगा गया है।