Sep 25, 2026 Login

500 करोड़ का मनी लॉन्ड्रिंग मामला: ईडी की बड़ी कार्रवाई, मुंबई का प्रसिद्ध 'रंग शारदा होटल' और प्रभादेवी की ज़मीन जब्त

₹500 crore money laundering case: Major ED action; Mumbai's famous 'Rang Sharda Hotel' and land in Prabhadevi attached.

मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। ईडी ने 500 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय घोटाले की जांच के सिलसिले में मुंबई के बांद्रा स्थित बहुचर्चित 'रंग शारदा होटल' और प्रभादेवी स्थित एक कीमती भूखंड (प्लॉट) को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। जांच एजेंसी द्वारा जब्त की गई इन दोनों संपत्तियों की बाजार में कुल कीमत करीब 332 करोड़ रुपये आंकी गई है।

ईडी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई 'रंग शारदा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड' और प्रभुदास वीरचंद लोटिया के खिलाफ चल रही जांच के तहत की गई है। एजेंसी का दावा है कि आरोपियों ने सरकारी नियमों और आवंटन शर्तों की धज्जियां उड़ाकर लगभग 512 करोड़ रुपये की अवैध कमाई (Crime Proceeds) की, जिसे बाद में मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए ठिकाने लगाने का प्रयास किया गया। मामले की जड़ें महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा आवंटित एक ज़मीन से जुड़ी हैं। म्हाडा ने यह ज़मीन 'रंग शारदा प्रतिष्ठान ट्रस्ट' को रियायती दरों पर इस शर्त के साथ आवंटित की थी कि यहाँ मराठी नाटक, साहित्य, कला और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। हालांकि, ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि जिस उद्देश्य के लिए ज़मीन दी गई थी, उसे पूरी तरह ताक पर रख दिया गया। आरोपी प्रभुदास वीरचंद लोटिया ने रंग शारदा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से ट्रस्ट की इस ज़मीन पर अवैध रूप से नियंत्रण कर लिया। मूल समझौते के तहत यहाँ एक ड्रामा थिएटर और कलाकारों के ठहरने के लिए हॉस्टल बनाकर ट्रस्ट को सौंपना था, लेकिन ऐसा करने के बजाय पूरे परिसर का बड़े पैमाने पर व्यावसायिक उपयोग शुरू कर दिया गया। जांच एजेंसी ने बताया कि आवश्यक कानूनी एवं सरकारी मंजूरियां प्राप्त किए बिना ही परिसर में एक बड़ा होटल, गेस्ट रूम्स, रेस्टोरेंट, लिकर बार, मैरिज हॉल और कई अन्य व्यावसायिक दुकानें खोल दी गईं। इन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से मिलने वाले किराए और आय को आरोपियों ने अवैध रूप से अपनी जेब में डाला। इतना ही नहीं, लोटिया पर यह भी गंभीर आरोप है कि उसने ट्रस्ट की ज़मीन पर बने व्यावसायिक ढांचों को अनधिकृत रूप से दूसरों को बेचा। इस अवैध बिक्री से मिले पैसों का इस्तेमाल उसने मुंबई के पॉश इलाके प्रभादेवी में दूसरी बेनामी संपत्ति खरीदने में किया। इस बड़े घोटाले का खुलासा तब हुआ जब रंग शारदा प्रतिष्ठान ट्रस्ट के असली ट्रस्टियों ने बांद्रा पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी की लिखित शिकायत दर्ज कराई। बांद्रा पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर ही ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर जांच अपने हाथ में ली थी। ईडी अधिकारियों का कहना है कि 332 करोड़ रुपये की संपत्तियों की जब्ती इस मामले में एक शुरुआती और महत्वपूर्ण कदम है। इसमें शामिल अन्य लोगों, वित्तीय लेन-देन के नेटवर्क और बेनामी संपत्तियों की गहनता से पड़ताल की जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां व जब्तियां हो सकती हैं।