काल बना घर का दरवाजा: स्लाइडिंग गेट गिरने से 5 साल की मासूम की दर्दनाक मौत,पलभर में मातम में बदली खुशियां
रामनगर। कहते हैं मौत कब और किस रूप में आ जाए, कोई नहीं जानता। नैनीताल जिले के कालाढूंगी क्षेत्र से एक ऐसी ही रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। घर के आंगन में खेल रही एक पांच साल की मासूम बच्ची पर लोहे का भारी-भरकम स्लाइडिंग गेट गिर गया। इस हादसे में बच्ची की जान चली गई और देखते ही देखते परिवार की खुशियां मातम में तब्दील हो गईं।
घटना कालाढूंगी के वार्ड नंबर सात की है। रविवार देर शाम, विक्रम सिंह अधिकारी की पांच वर्षीय पुत्री हस्मिता अधिकारी (गौरी) अपने घर के आंगन में खेल रही थी। खेलते-खेलते वह अचानक घर के मुख्य लोहे के स्लाइडिंग गेट पर झूलने लगी। इसी दौरान गेट अचानक अपने ट्रैक (पटरी) से उतर गया और सीधे मासूम के ऊपर जा गिरा। भारी गेट के नीचे दबने से बच्ची के सिर पर गंभीर चोटें आईं और वह लहूलुहान हो गई। चीख-पुकार सुनकर परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में घायल गौरी को लेकर कालाढूंगी अस्पताल भागे। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिजन उम्मीद की एक किरण लेकर हल्द्वानी की ओर दौड़े, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में मासूम ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों द्वारा उसे मृत घोषित करते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। मृतक बच्ची के पिता विक्रम सिंह रामनगर गैस एजेंसी में संविदा कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं। मासूम गौरी की इस तरह असमय मौत से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। जिस आंगन में कुछ घंटों पहले तक गौरी की किलकारियां गूंज रही थीं, वहां अब केवल सिसकियों का शोर है। सोमवार को स्थानीय लोग और रिश्तेदार शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने पहुंचे, लेकिन परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। यह हृदयविदारक घटना घरों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सबक है। अक्सर हम घरों में भारी गेट या उपकरण लगवा लेते हैं, लेकिन उनकी नियमित मरम्मत या सुरक्षा लॉक की जांच नहीं करते। स्थानीय लोगों ने इस दुखद घड़ी में शोक व्यक्त करते हुए कहा कि छोटे बच्चों पर हर पल नजर रखना जरूरी है, क्योंकि एक पल की चूक जीवन भर का दर्द दे सकती है।