Oct 10, 2026 Login
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शिक्षा का यह कैसा व्यापार: रुद्रपुर में अवैध स्कूलों का 'प्रैक्टिकल घोटाला',1000 रुपये में बिक रहे नंबर

What kind of trade in education is this? 'Practical exam scam' involving illegal schools in Rudrapur; marks being sold for ₹1,000.

रुद्रपुर। शिक्षा, जो किसी समाज और राष्ट्र के निर्माण की बुनियादी नींव होती है, आज मुनाफाखोरी का जरिया बनती जा रही है। जनपद उधम सिंह नगर के जिला मुख्यालय रुद्रपुर से सामने आई ताजा तस्वीर शिक्षा व्यवस्था के उस स्याह चेहरे को उजागर करती है, जहाँ ज्ञान बांटने के नाम पर खुलेआम 'व्यापार' चल रहा है। अवैध स्कूलों के मंसूबों और उनके काले कारनामों ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि देश का नौनिहाल आखिर किसके भरोसे है?

नियमों के मुताबिक, नई शिक्षा प्रणाली में कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान के लिए प्रैक्टिकल (प्रायोगिक परीक्षा) अनिवार्य किए गए हैं। इसके लिए विद्यालयों को संबंधित उपकरण और फाइलें तैयार करानी होती हैं। लेकिन रुद्रपुर में बिना मान्यता और बिना किसी सरकारी अनुमति के चल रहे कुछ अवैध स्कूलों ने इसे अवैध वसूली का जरिया बना लिया है। सूत्रों के मुताबिक, ये अवैध स्कूल किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय से पैसों के दम पर 'अटैच' (मर्ज) हो जाते हैं। यानी कागजात किसी मान्यता प्राप्त स्कूल के होते हैं और मुखौटा इन अवैध दुकानों का। मुनाफे की इस हवस में ये स्कूल बच्चों को बिना किसी फाइल या उपकरण के केवल 1000 से 5000 रुपये लेकर प्रैक्टिकल में 'अच्छे नंबर' देने का प्रलोभन दे रहे हैं। यह सीधे तौर पर मेधा और योग्यता की बोली लगाने जैसा है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि शिक्षा माफिया का यह बेखौफ खेल जिला शिक्षा विभाग की नाक के नीचे चल रहा है। सवाल उठता है कि जब इस तरह की गंभीर खबरें और शिकायतें सामने आती हैं, तब भी विभागीय अधिकारी मूकदर्शक क्यों बने रहते हैं? क्या शिक्षा विभाग का काम केवल कागजी बैठकों और फाइलों पर हस्ताक्षर करने तक ही सीमित रह गया है? यदि समय रहते इन अवैध स्कूलों और अटैचमेंट के इस काले कारोबार पर जांच का डंडा नहीं चला, तो आने वाले समय में यह व्यवस्था ईमानदार और मेधावी छात्रों के भरोसे को पूरी तरह तोड़ देगी। सरकार और प्रशासन को अविलंब कठोर कार्रवाई करते हुए ऐसे माफियाओं की दुकानें बंद करानी चाहिए, ताकि शिक्षा की गरिमा और बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके।