उत्तराखंड/नैनीताल:जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव डालने पर कुमाऊं में दर्ज हुआ उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2018 के तहत पहला मुकदमा!हिंदू नाम से पीड़िता के साथ दोस्ती,दुष्कर्म और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का है आरोप
रामनगर:13/12/2022
उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2018 के तहत कुमाऊं में पहला केस दर्ज किया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक नैनीताल जिले के रामनगर में नाम बदलकर युवती से दोस्ती और फिर उसके बाद युवती के साथ दुष्कर्म के बाद जबरन धर्म परिवर्तन के लिए ज़ोर ज़बरदस्ती करने के मामले में नैनीताल पुलिस ने युवती द्वारा दी तहरीर पर मुख्य आरोपी सहित 5 लोगो पर उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2018 के तहत मुकदमा दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है।
मामले के मुताबिक रामनगर निवासी एक युवती ने पुलिस को तहरीर दी है कि साकिब सैफी ने नाम बदलकर शिव ठाकुर नाम से उसके साथ पहले दोस्ती की फिर दुष्कर्म किया। जब पीड़िता को उसकी असलियत पता चली तो उसने साकिब का विरोध किया। साकिब ने युवती को जान से मारने की धमकी दी और अपने दोस्तों के साथ मिलकर पीड़िता और उसकी बहन का पीछा करवाया और परेशान किया। तहरीर में युवती ने ये भी कहा कि आरोपी और उसके परिजनों ने उस पर धर्म परिवर्तन का भी दबाव बनाया।
युवती द्वारा दी गयी तहरीर के आधार पर पुलिस ने साकिब सैफी ऊर्फ शिव ठाकुर, सबा, यूनुस, राहिला और गजाला के खिलाफ धारा 323/354/354डी/376/504/506 व उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2018 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। बताया कि आरोपी की ओर से भी तहरीर दी गई है जिसमें युवती ने शादी के लिए धर्म परिवर्तन करने की बात कही है।
वही इस मामले में डॉ नीलेश आनंद भरणे, डीआईजी कुमाऊं रेंज का कहना है कि नए धर्मांतरण से जुड़ा कोई भी शासनादेश अभी प्राप्त नहीं हुआ है। इस मामले को धर्मांतरण के तहत नहीं गिना जा सकता। नए शासनादेश में आरोपी के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है। आदेश आने के बाद नए नियम के अनुसार कार्रवाई होगी।