Oct 17, 2026 Login
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उत्तराखण्डः धामी सरकार के दो बड़े फैसले! दो अग्निवीरों को पीएसी में सेवा का मौका, महिला आरक्षियों के पद 526 से बढ़ाकर 2000 करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी

 Uttarakhand: Two major decisions by the Dhami government! An opportunity for two 'Agniveers' to serve in the PAC, and approval for a proposal to increase the number of posts for female constables fr

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने अग्निवीरों को सेना में सेवा के बाद प्रदेश में रोजगार का अवसर देने और पुलिस बल में महिला आरक्षियों के लिए सेवा संबंधी अवसर बढ़ाने की दिशा में दो अहम फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सेना से नवंबर 2026 में सेवानिवृत्त होने जा रहे दो अग्निवीरों को 40वीं वाहिनी प्रादेशिक सशस्त्र बल (पीएसी) में उपलब्ध रिक्त पदों के सापेक्ष समायोजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। वहीं, जनपदीय पुलिस में महिला आरक्षियों के पदों की संख्या 526 से बढ़ाकर 2000 करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई है।

सेना से सेवानिवृत्ति के बाद पीएसी में सेवा का अवसर
अग्निवीर योजना के तहत भारतीय सेना में भर्ती हुए उत्तराखंड के दो जवान नवंबर 2026 में सेवानिवृत्त होने जा रहे पहले बैच का हिस्सा हैं। भारत सरकार के संयुक्त सचिव की ओर से राज्य सरकार को पत्र भेजकर इन दोनों अग्निवीरों के समायोजन की अपेक्षा की गई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने उन्हें 40वीं वाहिनी पीएसी में उपलब्ध रिक्त पदों के सापेक्ष समायोजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अग्निवीर सेना में सेवा के दौरान अनुशासन, कौशल और व्यावहारिक अनुभव हासिल करते हैं। इन क्षमताओं का लाभ प्रदेश को भी मिल सकता है। उन्होंने कहा कि देश की सेवा कर चुके युवाओं को राज्य की सेवा का अवसर देने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू की गई अग्निपथ योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह युवाओं में राष्ट्रसेवा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की भावना को मजबूत करती है।

महिला आरक्षियों के पद 526 से बढ़कर होंगे 2000
दूसरे फैसले के तहत जनपदीय पुलिस में महिला आरक्षियों के पदों की संख्या 526 से बढ़ाकर 2000 करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके लिए 1474 अतिरिक्त पदों को अन्य संवर्गों और शाखाओं के स्वीकृत पदों से समायोजित करने का प्रस्ताव है। सरकार के मुताबिक, इस व्यवस्था से कुल स्वीकृत पदों की संख्या में वृद्धि नहीं होगी और न ही अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। कार्मिक विभाग ने प्रस्ताव पर कुछ शर्तों के साथ सहमति दी है। इनमें वर्तमान में कार्यरत 1210 अधिसंख्य महिला आरक्षियों का समायोजन करना और उनके भविष्य में पदोन्नति के अवसर सुनिश्चित करने के लिए उच्चतर पदों के पुनर्गठन का अलग प्रस्ताव प्रस्तुत करना शामिल है।