उत्तराखण्डः अंकिता भंडारी केस पर फिर गरमाएगी सियासत! गैरसैंण में 27 अक्टूबर को कांग्रेस का बड़ा शक्ति प्रदर्शन, सरकार के खिलाफ खोलेंगे मोर्चा
देहरादून। उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड, महिलाओं की सुरक्षा, बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पलायन जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ संघर्ष तेज करने का ऐलान किया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने शनिवार को देहरादून में कहा कि प्रदेश की जनता से जुड़े सवालों पर कांग्रेस सड़क से सदन तक आवाज उठाएगी। उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय और कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों की निष्पक्ष जांच की मांग की। पार्टी ने 27 अक्टूबर को गैरसैंण विधानसभा का घेराव करने सहित कई आगामी कार्यक्रमों की घोषणा भी की। हरिद्वार रोड स्थित एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में सैलजा ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड केवल एक बेटी को न्याय दिलाने का मामला नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड की अस्मिता और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल है। उन्होंने कहा कि अंकिता के परिवार की ओर से कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर जो सवाल उठाए जा रहे हैं, उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने पर भी उन्होंने सवाल उठाए और कहा कि इस प्रकरण से जुड़े सवालों का संतोषजनक जवाब मिलना चाहिए। सैलजा ने बताया कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने 14 अक्टूबर को अंकिता के माता-पिता से मुलाकात कर उनकी न्याय की लड़ाई को समर्थन दिया था। राहुल गांधी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप की मांग भी की है। उन्होंने कहा कि जब तक परिवार को न्याय नहीं मिलता, कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। प्रदेश में भूमि संबंधी सौदों, सरकारी ठेकों और खनन गतिविधियों में कथित अनियमितताओं को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए। सैलजा ने इन मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों और सार्वजनिक धन का इस्तेमाल जनहित में होना चाहिए। उन्होंने बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच कराने और श्रद्धालुओं के धन का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग भी की। सैलजा ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं के भरोसे को प्रभावित किया है। रोजगार और बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन की समस्या भी बनी हुई है। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं और खर्चों में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग करते हुए कहा कि आरोपों की सत्यता जांच के बाद तय होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
कांग्रेस ने घोषित किए आंदोलन के कार्यक्रम
प्रेसवार्ता में कांग्रेस ने आगामी आंदोलन की रूपरेखा भी सामने रखी। इसके तहत 22 से 25 अक्टूबर तक प्रदेशभर में न्याय यात्रा निकाली जाएगी। 27 अक्टूबर को गैरसैंण विधानसभा का घेराव कर अंकिता प्रकरण सहित जनहित से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे। एक नवंबर को दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में प्रस्तावित रैली में उत्तराखंड के कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल होंगे। वहीं, चार नवंबर को भूमि नीतियों और प्रदेश के संसाधनों से जुड़े मुद्दों पर प्रदर्शन किया जाएगा। प्रेसवार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कैंपेन कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह सहित पार्टी के अन्य नेता मौजूद रहे। कांग्रेस के इस ऐलान से प्रदेश में अंकिता प्रकरण समेत विभिन्न जनहित के मुद्दों पर राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत हैं।