उत्तराखण्ड टनल हादसा: अबतक नौ श्रमिकों की मौत की खबर! कई मजदूर अब भी लापता, ऑक्सीजन की कमी से देर रात रोका गया रेस्क्यू ऑपरेशन
चमोली। उत्तराखण्ड के चमोली जिले में अलकनंदा नदी पर निर्माणाधीन विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की सुरंग में गुरुवार शाम हुए भीषण हादसे ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। सुरंग के भीतर भारी भूस्खलन और मलबा आने से वहां काम कर रहे नौ श्रमिकों की मौत होने की खबर सामने आई है, जबकि छह अन्य श्रमिकों की तलाश जारी है। हादसे के बाद राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया गया। अब तक 22 श्रमिकों को सुरंग से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। घायलों में से 10 को जिला अस्पताल गोपेश्वर, एक को श्रीनगर और एक को पीपलकोटी में भर्ती कराया गया है, जबकि एक घायल को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। देर रात सुरंग के भीतर ऑक्सीजन की कमी की स्थिति सामने आने के बाद राहत-बचाव अभियान को फिलहाल रोकना पड़ा। अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार सुबह ऑक्सीजन और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं का आकलन करने के बाद अभियान दोबारा शुरू किया जाएगा। हादसा गुरुवार शाम करीब पौने सात बजे हुआ। उस समय सुरंग में 28 से अधिक श्रमिक काम कर रहे थे। बताया गया कि ज्यादातर श्रमिक बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। यह हादसा परियोजना की करीब 3.5 किलोमीटर लंबी सुरंग के अंदर लगभग 1.8 किलोमीटर की दूरी पर हुआ। हादसे के वक्त सुरंग में ग्रेविटी पर पैकिंग का काम चल रहा था। जानकारी के अनुसार अचानक सुरंग के भीतर तेज आवाज के साथ मलबा और पानी आने लगा। देखते ही देखते भारी मलबा सुरंग के हिस्से में भर गया। इससे वहां काम कर रहे श्रमिकों में अफरातफरी मच गई। सुरंग के अंदर से चीख-पुकार की आवाजें सुनाई देने लगीं। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और परियोजना प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया।
देर रात पत्रकार वार्ता में टीएचडीसी के प्रोजेक्ट निदेशक शरद कुमार ने कहा कि इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता सुरंग के अंदर फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। इसके लिए उपलब्ध सभी संसाधनों को राहत एवं बचाव अभियान में लगाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और हादसे की विस्तृत जांच भी कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि सुरंग में पानी अधिक आने के कारण मलबा जमा हुआ। परियोजना की मैनेजमेंट टीम भी राहत एवं बचाव कार्य में जुटी है और स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है। उन्होंने सुरंग के अंदर कुछ टीएचडीसी कर्मचारियों के भी फंसे होने की आशंका जताई। हादसे के बाद टीएचडीसी मुख्यालय में भी हड़कंप मच गया। शुक्रवार सुबह टीएचडीसी के सीएमडी सिपन कुमार गर्ग के नेतृत्व में तकनीकी टीम दिल्ली से घटनास्थल पर पहुंचेगी। कंपनी के सीजीएम डॉ. एएन त्रिपाठी ने भी स्थिति पर लगातार नजर रखे जाने की बात कही। उन्होंने बताया कि स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार के साथ समन्वय बनाकर राहत एवं बचाव अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है।