उत्तराखंड:पार्किंग समस्या को लेकर राज्य सरकार लेकर आई टनल पार्किंग की योजना!12 शहरों में बनेगी टनल पार्किंग, जानिए पार्किंग की समस्या से जूझ रहे वीआईपी शहर नैनीताल में कहाँ बनेगी टनल पार्किंग
उत्तराखंड:9/6/2023
11:24AM
पार्किंग की समस्या कमोबेश उत्तराखंड के सभी शहरों में देखी जा सकती है। अखबारों में आए दिन सुर्खियां बनती है कि गाड़ी पार्किंग को लेकर झड़प हुई।शहरों में पार्किंग की समस्या के कारण हर दिन ऐसे विवाद सामने आ रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठता है कि आखिर विकराल रूप लेती पार्किंग की समस्या का समाधान की दिशा में सरकार क्या कर रही है। सभी शहरों के प्रमुख बाजारों में पार्किंग की समस्या गंभीर रूप ले रही है। यह भी देखा गया है कि बाजार में जगह नहीं होने के कारण लोग मनमर्जी करते हुए फुटपाथ और सड़कों पर गाड़ी पार्क करने से पीछे नहीं हटते। आज आलम यह है कि अवस्थित पार्किंग छोटे से लेकर बड़े शहरों में जाम का मुख्य कारण बन रही है।
पार्किंग की समस्या इस समय उत्तराखंड सरकार के लिए एक चुनौती बन गयी है जिससे निबटने के लिए राज्य सरकार अब टनल पार्किंग की योजना लेकर आ रही है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक धामी सरकार की राज्य के अलग-अलग जिलों में टनल पार्किंग बनाने की योजना है। बताया जा रहा है कि पहली टनल पार्किंग मसूरी स्थित कैंप्टीफाल में बनेगी,और 12 शहरों में पहाड़ों को काटकर टनल पार्किंग बनाई जाएगी, ताकि पार्किंग संबंधी समस्या का समाधान हो सके।
किस जिले में कितनी टनल पार्किंग बनाने की योजना है आइये ये भी जानते हैं।
पौड़ी में दो, टिहरी में छह, उत्तरकाशी में दो और नैनीताल में दो पार्किंग बनाई जानी हैं। उत्तराखंड की पहली टनल पार्किंग कैंप्टीफाल में टिहरी-कैंप्टीफाल मसूरी, मसीही मसूरी रोड के सामने बनाई जाएगी। जिन पर्वतीय जिलों में पार्किंग के लिए बड़ा मैदान उपलब्ध नहीं है, वहां पहाड़ों के अंदर ही टनल से पार्किंग का काम लिया जाएगा।
वही टिहरी में ओल्ड टिहरी रोड कूड़ाघर के सामने चंबा, नैनबाग धनौल्टी, छिलेड़ी गांव तेगड़ जार और थत्यूड़ बाजार में टनल पार्किंग बनाई जाएगी। उत्तरकाशी में गंगोत्री और गंगनानी में पार्किंग बनेगी।
इनदिनों जो शहर सबसे ज्यादा पार्किंग की समस्या से जूझ रहा है वो है नैनीताल! यहां नैनीताल भवाली रोड पर कैंट बोर्ड की जमीन और नेशनल ऑब्जर्वेटरी के पास पार्किंग बनाने की योजना है। नैनीताल में टनल पार्किंग बनाना भी बड़ी चुनौती होगी क्योंकि यहां के पहाड़ संवेदनशील है खासतौर पर बलियानाला की पहाड़ी पहले ही खतरे की ज़द में है भवाली नैनीताल के बीच की पहाड़ी पर पिछले ही वर्ष भूस्खलन की वजह से पूरा रास्ता बाधित रहा था। ये भी सच है कि यहां पार्किंग सुविधा की आवश्यकता सबसे ज़्यादा है।
बता दे कि पहली टनल पार्किंग मसूरी में बनने जा रही है। जिसकी 120 करोड़ की डीपीआर तैयार हो चुकी है। इसी महीने अपर मुख्य सचिव और मुख्य सचिव के सामने इसका प्रस्तुतिकरण होगा। माना जा रहा है कि जल्द ही इसे स्वीकृति मिल जाएगी। इस पार्किंग में 400 वाहनों को पार्क करने की सुविधा मिलेगी। बाकी टनल पार्किंग की डीपीआर भी तैयार की जा रही है।