उत्तराखण्डः मसूरी में अवैध पेड़ कटान पर हाईकोर्ट का बड़ा एक्शन! बिना अनुमति बांज के पेड़ काटने पर लगी रोक, नगर पालिका और सरकार से जवाब तलब

Uttarakhand: The High Court takes major action against illegal tree felling in Mussoorie! The felling of oak trees without permission is prohibited, and the municipality and government are asked to r

नैनीताल। हाईकोर्ट में मंसूरी नगर पालिका द्वारा बिना वन विभाग की अनुमति के एमपीजी कालेज की भूमि पर सड़क निर्माण, खेल का मैदान बनाने के लिए बांज के पेड़ काटे जाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने मंसूरी नगर पालिका को झटका देते हुए वहां पर किसी भी तरह के पेड़ कटान पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि किसकी अनुमति से पेड़ काटे जा रहे हैं। कोर्ट ने नगर पालिका, राज्य सरकार और वन विभाग से 4 सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है। बता दें कि एमपीजी कालेज के छात्र संघ अध्यक्ष और पर्यावरण प्रेमी प्रवेश राणा ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि मसूरी में कई प्राईवेट स्टेट्स हैं। जिनमे बांज सहित कई बहुमूल्य पेड़ हैं। हर साल इनकी देख रेख वहां पर स्थित बड़े-बड़े स्कूल करते आये हैं और पेड़ लगाए जाते हैं। उन्हीं में से एक एमपीजी कालेज भी है। जो 2 एकड़ भूमि पर फैला है। कालेज के हॉस्टल की भूमि पर नगर पालिका मसूरी के द्वारा खेल मैदान और सड़क का निर्माण करने के लिए निविदा निकाल कर बाज के कई पेड़ काट दिये, बिना वन विभाग की अनुमति के। जबकि बांज के पेड़ों की सुरक्षा के लिए 1948 का एक्ट भी है। पेड़ काटने के लिए अनुमति लेनी आवश्यक है। परंतु नगर पालिका ने किसी से कोई अनुमति नही ली गयी। इस सम्बंध में उनके द्वारा 16 मार्च को नगर पालिका मंसूरी को प्रत्यावेदन भी दिया। लेकिन पालिका ने उसको दर किनार कर दिया। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने काटे गए पेड़ों की फोटो भी कोर्ट में प्रेषित की। जिसका विरोध करते हुए पालिका की तरफ से कहा गया कि काटे गए पेड़ों की फोटो वहां की नही है। इसपर वन विभाग की तरफ से कहा गया कि यह फोटो वहीं की है। राज्य सरकार की तरफ से भी कहा गया कि इसके लिए पालिका ने अनुमति नही ली गयी।