उत्तराखण्डः जिला अस्पताल में गंदगी देख भड़के स्वास्थ्य मंत्री! सीएमएस को लगाई कड़ी फटकार, बोले- अस्पताल है या कूड़ाघर?

Uttarakhand: The Health Minister, enraged by the filth in the district hospital, reprimanded the Chief Medical Officer (CMS), asking, "Is this a hospital or a garbage dump?"

हरिद्वार। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने रविवार को हरिद्वार जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में फैली गंदगी, बदहाल साफ-सफाई व्यवस्था और अव्यवस्थाओं को देखकर मंत्री का पारा चढ़ गया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और साफ शब्दों में कहा कि क्या हालत हैं आपके वॉशरूम के? सफाई करने में क्या दिक्कत है? मजाक बना रखा है। अस्पताल कम, कूड़ाघर ज्यादा लग रहा है। स्वास्थ्य मंत्री की इस कड़ी नाराजगी के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों, शौचालयों और मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। कई स्थानों पर सफाई व्यवस्था बेहद खराब मिलने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया। जब अधिकारियों की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो मंत्री ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक आरवी सिंह को मौके पर ही कड़ी फटकार लगाई और व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए।

दरअसल स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल रविवार को हरिद्वार में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। वह वीआईपी घाट पर दिवंगत पीसी जोशी के अस्थि विसर्जन संस्कार में शामिल होने आए थे। इसी दौरान उन्होंने बिना किसी पूर्व सूचना के हरिद्वार जिला अस्पताल पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। मंत्री के अचानक अस्पताल पहुंचने की सूचना मिलते ही डॉक्टरों, स्टाफ नर्सों और अन्य कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। किसी को इसकी भनक तक नहीं थी कि मंत्री अचानक अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंच जाएंगे। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अस्पताल परिसर की स्वच्छता व्यवस्था, रखरखाव, मरीजों के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं और अस्पताल स्टाफ की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की। कई स्थानों पर सफाई व्यवस्था संतोषजनक न मिलने और लापरवाही के संकेत मिलने पर उन्होंने अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में स्वच्छता और मरीजों की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अस्पतालों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमित मॉनिटरिंग के जरिए व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा की जाएगी।