NEET विवाद पर देहरादून में सियासी संग्रामः कांग्रेस मुख्यालय घेरने निकले भाजपाई! पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोका, आमने-सामने आए कार्यकर्ता

Political standoff in Dehradun over the NEET controversy: BJP workers set out to lay siege to the Congress headquarters! Police stopped them with barricades; party workers came face-to-face.

देहरादून। नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन और NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी सियासी घमासान अब उत्तराखंड की राजधानी देहरादून तक पहुंच गया है। छात्रों और विपक्षी दलों की ओर से पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और संसद में चर्चा की मांग के बीच कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं के प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन के विरोध में बुधवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने देहरादून में कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय का घेराव करने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। भाजपा कार्यकर्ता महानगर कार्यालय से कांग्रेस मुख्यालय की ओर रैली के रूप में रवाना हुए थे। प्रदर्शनकारियों के कांग्रेस भवन पहुंचने से पहले ही पुलिस ने परेड ग्राउंड के पास बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ता वहीं धरने पर बैठ गए और राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी की। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की ओर से प्रधानमंत्री आवास के बाहर किया गया प्रदर्शन लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं था। प्रदेश युवा मोर्चा अध्यक्ष विपुल मंदोली ने कहा कि भाजपा का प्रदर्शन युवाओं की ओर से राहुल गांधी को यह संदेश देने के लिए है कि देश इस तरह की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अनर्गल राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश के विकास के लिए लगातार काम कर रहे हैं, जबकि विपक्षी नेता देश की व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य देश में अराजकता फैलाना है, जबकि भाजपा शांति और व्यवस्था के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने कांग्रेस के प्रदर्शन के विरोध में पहले से सूचना देकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस युवाओं के बीच भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रही है, लेकिन जनता वास्तविक स्थिति को समझती है।

कांग्रेस कार्यकर्ता भी पहले से डटे रहे
भाजपा के कांग्रेस मुख्यालय घेराव की जानकारी के बाद कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी राजपुर रोड स्थित कांग्रेस भवन के बाहर एकत्र हो गए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए भाजपा के विरोध में प्रदर्शन किया। पुलिस ने दोनों दलों के कार्यकर्ताओं को आमने-सामने आने से रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और अलग-अलग स्थानों पर बैरिकेडिंग की। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के नेतृत्व में कार्यकर्ता कांग्रेस भवन का घेराव करने के लिए कनक चौक तक पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी कांग्रेस भवन से निकलकर एस्ले हॉल चौक की ओर बढ़ने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें पहले बैरिकेडिंग पर रोकने का प्रयास किया। कुछ देर के लिए कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी, लेकिन पुलिस की सतर्कता से दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच सीधा टकराव नहीं हुआ। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हाथों में पार्टी के झंडे नजर आए। महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए रखी। कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री राजेंद्र शाह ने भाजपा के प्रदर्शन पर पलटवार करते हुए दिल्ली में छात्रों और विपक्षी नेताओं के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत विपक्षी नेताओं को प्रदर्शन स्थल से जबरन हटाया गया और छात्रों के खिलाफ कथित रूप से बल प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को लेकर कांग्रेस लगातार आवाज उठा रही है और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। राजेंद्र शाह ने कहा कि कांग्रेस पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही थी, लेकिन अब छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी जवाब मांगा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों और युवाओं के खिलाफ कथित दमनात्मक कार्रवाई पर केंद्र सरकार की चुप्पी दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी छात्रों के मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी और उनकी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेगी।