नैनीताल: रहस्यमयी पत्थरबाज पर शिकंजा कसने की तैयारी,कमिश्नर दीपक रावत ने एसएसपी को दिए तकनीकी जांच के निर्देश
नैनीताल। शहर के तल्लीताल स्थित मेविला, जिला पंचायत, जीवाजी कॉटेज, सीमेंट हाउस और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से रात के समय हो रही रहस्यमयी पत्थरबाजी से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। शाम होते ही मकानों की टीन की छतों और भवनों पर पत्थर फेंके जाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस वजह से लोग रात में घरों से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं। कुछ लोगों का यह भी अनुमान है कि उपद्रवी दूर से कैटी (गुलेल) या अन्य माध्यम से पत्थर फेंक रहा हो, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मामले को लेकर जीवाजी कॉटेज कम्पाउंड, तल्लीताल निवासी एवं जिला न्यायालय के डीजीसी (राजस्व) राजेश चन्दोला ने कुमाऊं मंडल के आयुक्त दीपक रावत को लिखित शिकायत सौंपकर बताया कि पिछले 8 से 10 दिनों से शाम करीब 7 बजे के बाद शरारती एवं अराजक तत्व जिला पंचायत मार्ग पर स्थित भवनों पर लगातार पथराव कर रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में भय का वातावरण बना हुआ है।
शिकायत के अनुसार पत्थरबाजी की घटनाओं में सुधीर भट्ट नामक स्थानीय निवासी घायल हुए हैं। इतना ही नहीं, मौके पर पहुंचे पुलिस के दो सिपाहियों को भी पत्थर लगने की बात शिकायत में कही गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कुमाऊं मंडल के आयुक्त दीपक रावत ने तत्काल संज्ञान लिया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल को क्षेत्र में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की गहन जांच कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही तकनीकी माध्यमों का भी उपयोग कर आरोपियों की पहचान सुनिश्चित करने तथा दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करने को कहा है।
लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि तकनीकी जांच और पुलिस की सक्रियता से जल्द ही रहस्यमयी पत्थरबाज की पहचान हो सकेगी और क्षेत्र में व्याप्त दहशत का माहौल समाप्त होगा।