उत्तराखंड एसएससी पेपर लीक: हाईटेक नकल रैकेट का 'मास्टरमाइंड' ईश्वरी प्रसाद गिरफ्तार, ब्लूटूथ का जखीरा और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद

Uttarakhand SSC Paper Leak: 'Mastermind' of High-Tech Cheating Racket, Ishwari Prasad, Arrested; Cache of Bluetooth Devices and Electronic Equipment Recovered

देहरादून। उत्तराखंड विशेष कार्य बल ने तीन महीने पहले कर्मचारी चयन आयोग की ऑनलाइन भर्ती परीक्षा में हुए हाईटेक नकल रैकेट मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। एसटीएफ ने इस गोरखधंधे के मुख्य किरदारों में से एक और शातिर आरोपी ईश्वरी प्रसाद उर्फ इंद्रजीत शर्मा उर्फ इंदर को देहरादून के नेहरू ग्राम स्थित सेंट जॉन अकादमी से रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी परीक्षा केंद्र पर अत्याधुनिक तकनीकों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए उम्मीदवारों को नकल कराने का पूरा जाल बिछाने की फिराक में था। इस गिरोह का भंडाफोड़ इस साल 13 फरवरी को एसएससी द्वारा आयोजित 'मल्टी-टास्किंग (गैर-तकनीकी) स्टाफ और हवलदार' पदों की ऑनलाइन परीक्षा के दौरान हुआ था। ईश्वरी प्रसाद की गिरफ्तारी के बाद अब तक इस रैकेट के चार सदस्यों को जेल भेजा जा चुका है।

उत्तराखंड एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने शनिवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि खुफिया सूचनाओं के आधार पर टीम ने नेहरू ग्राम स्थित सेंट जॉन अकादमी में छापेमारी कर दिल्ली के निहाल विहार निवासी ईश्वरी प्रसाद को गिरफ्तार किया। एसएसपी ने बताया कि आगामी 18 मई को होने वाली एसएससी कांस्टेबल  ऑनलाइन परीक्षा के लिए सेंट जॉन अकादमी को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। आरोपी ईश्वरी प्रसाद यहां की कंप्यूटर लैब में नकल के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण स्थापित करने की प्रक्रिया में ही था कि एसटीएफ ने उसे दबोच लिया। इसके तुरंत बाद पुलिस ने परीक्षा केंद्र को पूरी तरह सील कर दिया है और इसकी विस्तृत रिपोर्ट एसएससी के क्षेत्रीय निदेशक को भेज दी गई है। पूछताछ के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी ईश्वरी प्रसाद कोई नया खिलाड़ी नहीं है। वह नवंबर 2025 में एसएससी द्वारा आयोजित प्रथम श्रेणी की 'मल्टी-टास्किंग स्टाफ' और 'क्लर्क स्टाफ' परीक्षाओं में हुई नकल की घटनाओं में भी वांछित संदिग्ध था। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने देहरादून के सेंट जॉन अकादमी के साथ-साथ राज्य के कुछ अन्य परीक्षा केंद्रों के सर्वर को भी 'प्रभावित' (हैक) किया था। 13 फरवरी को हुए घोटाले में भी इसी आरोपी ने एमकेपी परीक्षा केंद्र पर नकल के लिए सर्वर रूम, मुख्य लैब और एक भूमिगत (अंडरग्राउंड) खुफिया कक्ष तैयार किया था। एसटीएफ अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इस गिरोह के तार और किन-किन राज्यों या कोचिंग सेंटरों से जुड़े हुए हैं और कौन से सफेदपोश इस सिंडिकेट को संरक्षण दे रहे थे।