उत्तराखंड:तो क्या अब भूमाफियाओं के साथ नेता भी होने लगे है शामिल?क्या भोले भाले ग्रामीणों की ज़मीन कब्जाकर भूमाफियाओं ने मंत्री से करवा लिया भूमिपूजन और शिलान्यास?
आये दिन पहाड़ो में भू माफियाओं के सक्रियता और पहाड़ के भोले भाले लोगो की जमीनें कब्जाने के मामले सामने आते रहते हैं जिसमे मुख्य भूमिका में तहसील प्रशासन व शासन रहता है। ऐसा ही एक मामला जनपद पौड़ी के चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के पट्टी ग्राम सभा बड़ेथ के संतुधार तोक का सामने आया है,जहाँ पर यहाँ के विधायक सतपाल महाराज ने तीन दिन पहले शिवहरी उत्तराखंड फाउंडेशन नामक एक हॉस्पिटल का शिलान्यास किया था, लेकिन अब सूचना मिली है कि ये हॉस्पिटल बिना भूमि मालिक से पूछे ही अवैध रूप से बनाया जा रहा है ,यहां निर्माण कार्य भी शुरू हो गया,इतना ही नही यहां से जा रही जिला परिषद की सड़क को भी कब्जा कर लिया गया है।क्या है ये पूरा मामला आइये जानते हैं।

जनपद पौड़ी के चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के पट्टी ग्राम निवासी डबल सिंह के मुताबिक जिस जगह सतपाल महाराज ने हॉस्पिटल का शिलान्यास किया वो भूमि उनकी है।

भूमाफियाओं की मिलीभगत और सफेदपोश के दबाव में ये भूमि कब्जाई जा रही है। उन्होंने इस मामले में तहसील कार्यालय चौबट्टाखाल को लिखित शिकायत तक दर्ज की है।

अब पते की बात तो ये है कि जब मामले में पहले भी विवाद है तो महाराज ने इसका शिलान्यास कैसे किया क्या?क्या महाराज अपनी विधानसभा में भूमाफियाओं को बढ़ावा दे रहे हैं?

ये बात स्थानीय लोगो की नजर में सच भी लगती है क्योंकि महाराज की विधानसभा के एकेश्वर प्रखंड में भी सोलर प्लांट लगाने के मामले में भी सरकारी भूमि पर पहले से ही अवैध कब्जे हो रखे हैं और इनमें आजतक कोई कार्यवाही नही हुई है। अब इस मामले में भी मिलीभगत की बू आती नजर आ रही है।

इस फ्रॉड कार्य में प्रशासन की मुख्य भूमिका भी सामने आ रही है आखिर बिना भूमि मालिक को पूछे उसकी भूमि को समतलीकरण की परमिशन कैसे दी गई अगर परमिशन नही दी गई है तो प्रशासन उक्त शिवहरी उत्तराखंड फाउंडेशन हॉस्पिटल पर कानूनी कार्यवाही क्यो नही कर रहा है? सतपाल महाराज ने बिना जाने ही शिलान्यास कैसे किया?