उत्तराखंड: रुद्रपुर में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित! बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने को लेकर हुआ मंथन
रुद्रपुर। आर.एफ.एस.एल रूद्रपुर संयुक्त निदेशक डॉ.दयाल शरण द्वारा विवेचना अधिकारियों के साथ एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि ए.डी.जी. व निदेशक अमित सिन्हा ,एस.पी.अपराध चंद्र शेखर घोडके,एस.पी.मनोज कत्याल और समाजसेवी डॉ. रेनू शरण, पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सर्व प्रथम ए.डी.जी. सिन्हा साहब द्वारा संयुक्त निदेशक के चेंबर का रिवन काटा तथा गार्ड रुम का रीवन काटकर इनोगरेशन किया गया। श्री सिन्हा,अपर पुलिस महानिदेशक विजिलेंस, एफ.एस.एल.,संचार, आई.टी.डी.द्वारा ऊधमसिंह नगर जनपद से आये पचास विवेचना अधिकारीयों को सैक्सुअल असॉल्ट एवीडेंस कलेक्शन किट वितरित की गई।साथ ही धरातल पर अपराधों के अनावरण में किट का उपयोग करने के निर्देश दिये।उन्होंने बताया कि इस किट की बलात्कार, मर्डर , योनशोषण जैसे जधन्य अपराधो में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। साथ ही उन्होंने ट्रैनिंग में क्रास सवाल जबाव करने व फीडबैक देने हेतु कहा। इस अवसर पर एस.पी. (अपराध) श्री चंद्र शेखर घोडके ने कहा कि वैज्ञानिक साक्ष्य अकाटय होते हैं और आज की बढती हुयी आपराधिक प्रष्ठभूमि में फोरेंसिक साइंस ,पुलिस तथा न्याय विभाग के लिए वरदान है। इसके उपयोग से अपराधी बच नहीं सकते।एस.पी.सिटी श्री मनोज कत्याल ने विवेचना अधिकारियों को हर हाल में फौरेंसिक सांइस का उपयोग करने हेतु बताया। उन्होंने कहा आज का अपराधी हाईटेक हो चुका है अतः उसे हाईटेक पद्भिती से ही पकडा जा सकता है । पूर्व विधायक राजकुमार द्वारा इस कार्यालय में कराये गये कार्यो के लिए ए.डी.जी.साहब ने आभार व्यक्त किया।डॉ.दयाल शरण ने कहा समय समय पर दी जाने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम में एफ.एस.एल.द्वारा घटनास्थल से साक्ष्य एकत्रित कर उचित न्याय दिलाने में फोरेंसिक लैब की महत्वपूर्ण भूमिका है।केशों में घटना स्थलों पर इस किट की उपयोग कर अपराधों के अनावरण में महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। इस अवसर पर इन्सपेक्टर संजय जौशी,एस.आई.पुनिता बलौदी,एस.आई.जूली राणा, दीपक शर्मा, दीपक चौहान, लता कौहली,दीपांशु,मनीष विष्ट,भगवत,मनीष बोरा,मनीष मेहरा,हेमंत टम्टा आदि समस्त स्टाफ उपस्थित रहे।