उत्तराखंड:मसूरी नैनीताल से पर्यटकों का भार होगा डाइवर्ट!नई पर्यटन नीति के तहत शहरों को बांटा तीन कैटेगरी में,मानसखंड के साथ गोल्ज्यू कॉरिडोर से होगा पर्यटन का विकास
उत्तराखंड:19/2/2023
उत्तराखंड में पर्यटन विकास को लेकर नई पर्यटन नीति के तहत नए शहरों को विकसित करने पर फोकस बनाया जा रहा है। चूंकि नैनीताल और मसूरी में भारी संख्या में पर्यटक टूरिस्ट सीजन में जाते है और इन दोनों शहरों में ज़्यादा दबाव बन जाता है इसीलिए पर्यटकों का भार इन दोनों शहरों और चारधाम से कम करके दूसरे क्षेत्रों में डाइवर्ट किया जाएगा। इसके लिए सरकार तैयारी कर रही है और अन्य स्थानों पर टूरिज्म स्थापित करने की प्लानिंग कर रही है।इन नए स्थानों में ज़्यादा से ज़्यादा सुविधाएं मुहैया करवाई जाएगी साथ ही इन क्षेत्रों में पर्यटन सेक्टर में निवेश करने वाले निवेशकों को भी स्पेशल प्रॉफिट दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने नई पर्यटन नीति बनाने की ज़िम्मेदारी ग्लोबल मैकेंजी फर्म को सौंपी है इसके लिए नई पर्यटन नीति के तहत शहरों को तीन कैटेगरी में बांटा जाएगा।
A कैटेगरी में देहरादून मसूरी नैनीताल सहित उन शहरों को रखा गया है जहां पर्यटन गतिविधियां चरम पर रहती हैऔर निवेश की सीमित सम्भावना है,क्योंकि यहां पहले से ही निवेशकों ने निवेश किया है इसीलिए नए निवेशकों को ज़्यादा लाभ नही मिलेगा। B कैटेगरी में टिहरी लैंसडौन मुक्तेश्वर कौसानी चकराता सहित ऐसे शहर है जहां पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं है यहां A कैटेगरी वाले शहरों की तुलना में ज़्यादा लाभ मिल सकेगा।C कैटेगरी में बॉर्डर वाले जिले जैसे उत्तरकाशी पिथौरागढ़ बागेश्वर चमोली है यहां निवेशकों को निवेश के लिए सबसे ज़्यादा छूट मिलेगी।
फर्म ने फ़िलहाल मोटे तौर पर एक खाका भी तैयार कर सरकार को सौंपा है ताकि उसमे जो भी कमी पेशी हो उसे दूर किया जा सके।
वही धार्मिक पर्यटन पर भी सरकार का पूरा फोकस है। ज़्यादातर श्रद्धालुओं की भीड़ हरिद्वार ऋषिकेश और चारधाम ही आती है। मानस खण्ड कॉरिडोर बनाकर इन धार्मिक पर्यटकों को कुमाऊं के धार्मिक स्थलों की ओर भी आकर्षित किया जाएगा इसके लिए मानस खंड कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर सहित कई और सम्भावनाओ को तलाशा जाएगा।