Oct 05, 2026 Login

उत्तराखण्डः विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान! प्रदेश प्रभारी की आपत्ति के बावजूद हरीश रावत की जनसंवाद यात्रा जारी, प्रीतम सिंह के साथ फोटो शेयर की

Uttarakhand: Internal rift within the Congress ahead of the assembly elections! Harish Rawat continues his 'Jansamvad Yatra' despite objections from the state in-charge; shares a photo with Pritam Si

देहरादून/काशीपुर। उत्तराखंड कांग्रेस में विधानसभा चुनाव से पहले अंदरूनी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा की आपत्ति और यात्रा आगे नहीं बढ़ाने की सलाह के बावजूद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सोमवार को अपनी ‘धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा’ पर निकले। जसपुर से रामनगर जाते हुए हरीश रावत भारी वाहनों के काफिले के साथ काशीपुर की नवीन अनाज मंडी स्थित विश्राम गृह परिसर पहुंचे। यहां उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जनता अब बदलाव चाहती है और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जनता के संकेत को समझते हुए बदलाव की गति तेज करनी होगी। हरीश रावत ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को अभी से जनता के बीच सक्रिय होकर उनकी समस्याओं और भावनाओं को समझना होगा। उन्होंने कहा कि लक्ष्य 2027 में देहरादून और 2029 में दिल्ली में बदलाव का है। रावत ने अपनी यात्रा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच कहा कि यह यात्रा जनता से संवाद करने और उनके बीच पहुंचने के उद्देश्य से है। रावत की यात्रा को लेकर कांग्रेस के भीतर विवाद उस समय बढ़ गया, जब प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने उन्हें पत्र लिखकर यात्रा आगे नहीं बढ़ाने का आग्रह किया। शैलजा ने कहा था कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी या उनसे चर्चा किए बिना इस तरह का समानांतर कार्यक्रम पार्टी के हित में नहीं है। चुनाव से पहले पार्टी को एकजुट होकर जनता के सामने जाना चाहिए। इसके बावजूद रावत ने सोमवार को अपनी यात्रा जारी रखी। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी यात्रा को लेकर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि चुनौती बड़ी है, लेकिन उत्तराखंड के स्वाभिमान के लिए संकल्प दृढ़ है और अब रुकना नहीं है। यात्रा जसपुर से शुरू होकर काशीपुर, रामनगर और कालाढूंगी होते हुए हल्द्वानी तक जाने का कार्यक्रम है। वहीं काशीपुर में अपने संबोधन के दौरान हरीश रावत ने शहर के बाजपुर रोड स्थित आरओबी पर यातायात प्रतिबंध को भी अपनी यात्रा से जोड़ते हुए सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान काशीपुर का फ्लाईओवर पांच दिन के लिए बंद कर दिया गया और यात्रा मार्ग पर पुलिया निर्माण का काम शुरू करा दिया गया। रावत ने आरोप लगाया कि उनकी यात्रा से धामी सरकार घबरा रही है और इसी वजह से रास्ते में व्यवस्थाएं बदली जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता और वह इस तरह की व्यवस्थाओं से डरने वाले नहीं हैं। हालांकि आरओबी पर यातायात प्रतिबंध को लेकर उपलब्ध जानकारी के अनुसार एक्सपेंशन ज्वाइंट की मरम्मत के लिए यातायात बंद किया गया है। रावत ने तंज कसते हुए कहा कि इस बार आरओबी खराब किया गया है, अगली बार कहीं घबराकर इसे तोड़ ही न दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अगली बार वह राज्य सरकार और स्थानीय पुलिस-प्रशासन को अपने कार्यक्रम की जानकारी नहीं देंगे और चुपचाप पहुंचेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर जनता के बीच सक्रिय रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझना जरूरी है। रावत ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे लोगों की भावनाओं को समझें और पार्टी को मजबूत करने के लिए लगातार काम करें। रावत की यात्रा को लेकर कांग्रेस के भीतर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहां पार्टी नेतृत्व इसे संगठन से अलग समानांतर कार्यक्रम के तौर पर देख रहा है, वहीं रावत इसे जनता से सीधे संवाद और पार्टी को मजबूत करने की पहल बता रहे हैं। इधर काशीपुर में आयोजित रावत के कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही, लेकिन महानगर अध्यक्ष अलका पाल समेत जिला कांग्रेस कार्यकारिणी के कई प्रमुख पदाधिकारी नजर नहीं आए। इससे कार्यक्रम के दौरान संगठन के भीतर चल रही खींचतान की चर्चा भी तेज रही। कार्यक्रम में गोविंद कुंजवाल, प्रदीप टम्टा, ललित फर्शेवान, मनोज जोशी, मनोज तिवारी, आदेश चौहान, संदीप सहगल, हरीश कुमार सिंह और अर्पित मेहरोत्रा समेत कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। हरीश रावत की जनसंवाद यात्रा को उनकी बेटी और हरिद्वार ग्रामीण से कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत का भी समर्थन मिला है। अनुपमा रावत ने अपने पिता की पोस्ट साझा करते हुए उनके संघर्ष और जनता के लिए काम करने की इच्छा को अपनी विरासत बताया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से राज्य में बदलाव के लिए साथ खड़े होने का आह्वान किया।

प्रीतम सिंह के साथ तस्वीर से भी बढ़ी सियासी चर्चा
इसी बीच हरीश रावत ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्य प्रीतम सिंह के साथ अपनी तस्वीर भी सोशल मीडिया पर साझा की। रावत ने लिखा कि संघर्षपूर्ण परिस्थितियों में उनके साथ खड़े रहे साथी इस यात्रा में भी अपना काम-धाम छोड़कर शामिल हो रहे हैं। इस तस्वीर के सामने आने के बाद कांग्रेस के भीतर चल रही सियासी गतिविधियों को लेकर चर्चाएं और तेज हो गईं।