Oct 05, 2026 Login

रुद्रपुरः धान की सरकारी खरीद शुरू न होने पर फूटा किसानों का गुस्सा! काशीपुर-सितारगंज हाईवे किया जाम

Rudrapur: Farmers' anger erupts over the delay in government paddy procurement; Kashipur-Sitarganj highway blocked.

रुद्रपुर। उधमसिंह नगर जिले में धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से किसानों का आक्रोश अब सड़क पर उतर आया है। सरकारी क्रय केंद्रों पर धान खरीद की व्यवस्था शुरू कराने की मांग को लेकर गल्ला मंडी रुद्रपुर में धरना दे रहे किसानों ने बाद में काशीपुर-सितारगंज हाईवे की एक साइड पर बैठकर जाम लगा दिया। किसानों के हाईवे पर बैठने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम में कई स्कूली बसें, ट्रक और अन्य वाहन फंस गए, जिससे यातायात प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही सीओ विभव सैनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर तत्काल धान खरीद शुरू कराने की मांग पर अड़े रहे। किसानों का कहना था कि धान की कटाई शुरू हुए कई दिन बीत चुके हैं और करीब 50 प्रतिशत फसल बाजार में पहुंच चुकी है, लेकिन सरकारी स्तर पर खरीद व्यवस्था अब तक सुचारू नहीं हो पाई है। ऐसे में किसानों के सामने अपनी उपज बेचने को लेकर संकट खड़ा हो गया है। किसानों का आरोप है कि सरकारी खरीद शुरू नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरी में निजी व्यापारियों के हाथों धान बेचना पड़ रहा है। किसानों के मुताबिक निजी व्यापारी करीब 1600 से 1700 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर धान खरीद रहे हैं। किसानों का कहना है कि सरकारी खरीद व्यवस्था समय पर शुरू नहीं होने से उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने प्रशासन के सामने तत्काल सरकारी क्रय केंद्रों को सक्रिय करने और धान खरीद शुरू कराने की मांग रखी। किसान नेताओं ने मौके पर प्रशासन को 15 से 20 मिनट का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि इस अवधि में कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर किसानों से वार्ता नहीं करता और धान खरीद शुरू कराने का ठोस आश्वासन नहीं देता, तो हाईवे की दूसरी साइड भी जाम कर दी जाएगी। हाईवे पर किसानों के बैठने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के बाद पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और दो दिन के भीतर समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद किसानों का गुस्सा शांत हुआ।