Oct 10, 2026 Login
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उत्तराखंड HC:हल्द्वानी अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम को नही बनाया जा सकता गोदाम! हाईकोर्ट ने दिए कोविड केयर सेंटर का सामान हटाने के निर्देश!केंद्र सरकार से भी मांगा जवाब,अमित खोलिया ने स्टेडियम के अधूरे पड़े कामो पर चिंता जताते हुए दायर की थी याचिका

Uttarakhand HC: Haldwani International Stadium cannot be made a warehouse! High Court gave instructions to remove the goods of Covid Care Center

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कुमायूँ के हल्द्वानी में स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्पोर्टस स्टेडियम का कार्य तय समय मे पूर्ण नही करने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। मामले में निर्माण एजेंसी पेयजल निगम ने हाईकोर्ट में अपना जवाब दाखिल करते हुए कहा कि बचे हुए काम का टेंडर कर दिया गया है जो कि अक्टूबर 2023 तक पूरे हो जाएंगे। वही इस मामले में खेल निदेशक ने जवाब में कहा कि स्टेडियम में फेस वाइस काम किया जा रहा है। इंडोर स्टेडियम का काम चल रहा है स्विमिंग पूल का काम हो चुका है और उसे चालू कर दिया गया है। क्रिकेट स्टेडियम में कोविड सेंटर चल रहा है जब तक कोविड सेंटर है तब तक वहां टूर्नामेंट नही हो सकते। 
इस पर याचिकाकर्ता अमित खोलिया के अधिवक्ता दुष्यंत मनाली ने आपत्ति दर्ज करते हुए कहा कि कोविड सेंटर अभी संचालित नही है कोविड खत्म हो गया है। इस पर निदेशक ने कहा कि वहाँ अभी कोविड सम्बंधित मटेरियल रखा हुआ है इस पर कोर्ट ने कहा कि स्टेडियम को गोदाम नही बनाया जा सकता है। अगर कोविड केयर सेंटर मटेरियल पड़ा हुआ है तो उसे वहां से दो हफ्ते के अंदर हटाइये और कोर्ट में रिपोर्ट पेश करे,साथ ही क्रिकेट स्टेडियम वाले भाग को चालू करें। कोर्ट ने ये भी कहा कि कोविड सेंटर का तर्कपूर्ण ही नही है क्योंकि आज की तारीख में कोविड सेंटर जैसा अब कुछ नही है। इसके अलावा इस मामले में कोर्ट ने भारत सरकार से भी जवाब मांगा है।
आपको बता दे हल्द्वानी निवासी अमित खोलिया ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि हलद्वानी में 200 करोड़ रुपये की लागत से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट स्टेडियम 15.20 हेक्टेयर फारेस्ट की भूमि पर बनाया गया है  जिसका कार्य अभी तक पूर्ण नही हुआ है। सरकार द्वारा इसे बनाने के लिए बार बार निर्माण एजेंसियों को बदला जा रहा है। अब सरकार ने इस कार्य को पूर्ण करने के लिए उत्तराखंड पेयजल निर्माण को ठेका दिया है। जबकि इस स्टेडियम में 38 वे नेशनल गेम होने थे परन्तु कार्य पूर्ण नही होने के कारण केंद्र सरकार अन्य जगह तलाश रही है। अभी स्टेडियम में बहुत कमियां है जिन्हें दूर करना आवश्यक है तभी यहां राज्य या अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेलों का आयोजन किया जा सकेगा। याचिकाकर्ता का यह भी कहना है कि अभी तक इसका निर्माण कार्य पूर्ण नही हुआ । जबकि इसकी निर्माण पूर्ण होने की तिथि निकल चुकी है। प्रदेश के खिलाड़ियों को कोचिंग करने के लिए अन्य राज्यो की तरफ जाना पड़ रहा है। राज्य के हाथ से 38वे खेल महाकुंभ भी निकल गया है और जनता के पैसों का दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने जनहित याचिका में कोर्ट से प्राथर्ना की है कि इसका निर्माण कार्य तय समय सीमा में कराया जाय।