Oct 10, 2026 Login
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उत्तराखंड: राज्य में पहली बार हिंदुओ के जनविरोध के बाद मुस्लिम व्यापारियों को पड़ा कारोबार छोड़कर जाना! बीजेपी नेता भी उत्तरकाशी के पुरोला से जाने को हुए मजबूर

Uttarakhand: For the first time in the state, Muslim traders had to leave their business after public protests by Hindus! BJP leaders were also forced to leave from Purola in Uttarkashi.

उत्तरकाशी I जम्मू कश्मीर से हिंदुओ और कश्मीरी पंडितों को पलायन हो या केरल और बंगाल से हिंदू लोगो को मजबूरन मुस्लिम खौफ से घर छोड़कर जाना पड़ा हो। पूरे देश मे अक्सर यही खबरे सामने आती रही है कि विशेष समुदाय के डर की वजह से हिंदुओ को अपना पुश्तैनी घर छोड़कर भागना पड़ा। इधर उत्तराखंड में पहली बार ऐसा हुआ जब मुस्लिमों को साम्प्रदायिक तनाव के चलते अपना कारोबार समेट कर वापसी करनी पड़ी है। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में पिछले कुछ दिनों से यही माहौल है कि अब उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लोग विशेष समुदाय के लोगो को उनके घर वापस जाने पर मजबूर कर रहे है। उत्तरकाशी के पुरोला इलाके में पिछले 40 सालों से जो मुसलमान आकर कारोबार कर रहे थे उनको अब सब कुछ रातों रात समेट कर वापस अपने घरों को जाना पड़ा। कुछ लोग यहाँ से देहरादून शिफ्ट हो रहे है। पुरोला में पिछले 42 सालों से शकील और उनका परिवार पुरोला में रह रहा है उन्होंने 15 साल पहले कपड़े का व्यापार शुरू किया।अब साम्प्रदायिक तनाव के चलते उनको देहरादून जाना पड़ रहा है। पुरोला से करीब 9 से ज़्यादा बाहरी व्यापारी दुकान छोड़कर जा चुके है,वही यमुना घाटी में 12 से ज़्यादा लोग दुकान समेट कर जा चुके है। 

आइये जानते है आखिर साम्प्रदायिक तनाव क्यो पैदा हुआ॥

दरअसल बीती 26 मई को उत्तरकाशी जिले के पुरोला में मुस्लिम युवक उबैद और उसके साथी जितेंद्र सैनी को स्थानीय लोगों ने एक नाबालिग लड़की के साथ पकड़ा था। आरोप था कि ये दोनों नाबालिग को भगाने की कोशिश कर रहे थे। स्थानीय लोगों ने दोनों को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया था। बताया गया कि दोनों युवक यूपी के नजीबाबाद के रहने वाले हैं,और पुरोला में रजाई गद्दे की दुकान चलाते थे। इस घटना को लोगों ने लव जिहाद से जोड़कर मुस्लिम व्यवसायियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। 


वही आराकोट में भी दो नाबालिग बहनों को एक साथ एक मुस्लिम युवक के साथ लोगो ने पकड़ा था। वही इसके बाद एक और मामला उत्तरकाशी से लव जिहाद का सामने आया जिसके बाद स्थानीय लोगों में मुस्लिम समुदाय के लोगो के लिए खासा रोष पैदा हो गया और व्यापार मंडल के पदाधिकारियों और सदस्यों ने पुलिस स्टेशन में इन लोगो के खिलाफ कार्यवाही की मांग की थी।

पुरोला में भड़के साम्प्रदायिक तनाव में बीजेपी नेता और कार्यकर्ताओं को भी परिवार सहित पुरोला छोड़ना पड़ा। इनमें बीजेपी नेता अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष मोहम्मद जाहिद शामिल है जो पिछले 25 सालों से पुरोला में रह रहे थे। तीन साल पहले ही उन्होंने बीजेपी जॉइन की थी। पुरोला में मुस्लिम समुदाय के लोगो का कहना है कि यहां बीजेपी नेता भी सुरक्षित नही है तो सामान्य मुस्लिम यहां कैसे रह पाएंगे।


गौरतलब है कि धामी सरकार भी लव जिहाद और लैंड जिहाद को लेकर सख्ती बरतने लगी है उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि उत्तराखंड में लव जिहाद और लैंड जिहाद किसी भी सुरत में बर्दाश्त नही किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि जल्द में उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी।