उत्तराखंड:डीएम रुद्रप्रयाग का घमंड सातवें आसमान पर!पहाड़ पर कलंक है ये लोग,इनकी सेवाएं समाप्त कर घर बैठाना चाहिए!पहाड़ क्यों झेले ऐसे अधिकारियों को?रुद्रप्रयाग के डीएम पर किस विधायक ने की ये टिप्पणी? आखिर मामला क्या है
उत्तराखंड के निर्दलीय विधायक उमेश कुमार एक ऐसा नाम है यदि राज्य में विवादों में रहने वालों की लिस्ट तैयार की जाए तो फेहरिस्त में सबसे ऊपर यही नाम होगा। सामान्य नागरिक से पत्रकार बनकर स्टिंग ऑपरेशन से सुर्खियों में बने रहे,उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले उमेश कुमार पत्रकार से नेता बन अब विधायकी कर रहे है और अब भी उनका विवादों से नाता नही टूट रहा। अब उन्होंने एक ट्वीट कर डीएम रुद्रप्रयाग के खिलाफ मोर्चा खोल लिया है।

उन्होंने ट्वीट के जरिए सरकार के सामने डीएम रुद्रप्रयाग को हटाने की मांग रख दी है। दरअसल डीएम रुद्रप्रयाग ने उमेश कुमार का फोन नही उठाया इससे नाराज विधायक उमेश कुमार ने ट्वीट कर डीएम रुद्रप्रयाग को घमंडी अधिकारी करार दिया है।और डीएम की सेवाएं समाप्त करने की सलाह उत्तराखंड सरकार को दे डाली।
उन्होंने ट्वीट में लिखा है "@pushkardhami जी @DmRudraprayag का घमंड सातवें आसमान पर है । मंत्री विधायक तक का ना फ़ोन उठाते है और ना जवाब देते है तो आम आदमी को तो समझते ही क्या होंगे । ये लोग पहाड़ पर कलंक है । इनकी सेवाएँ समाप्त करके घर बिठाना चाहिए । पहाड़ इनके जैसे घमंडी अधिकारियों को क्यों झेले ? ये सब…"

उमेश कुमार के इस ट्वीट के बाद रुद्रप्रयाग के डीएम मयूर दीक्षित भी चर्चाओं में आ गए है।आईएएस मयूर दीक्षत 2013 बैच अफसर हैं, जिन्होंने भारतीय सिविल सेवा परीक्षा 2012 में 11वीं रैंक प्राप्त की थी, इससे पहले उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी।एक अधिकारी के तौर पर उनकी छवि तेज़ तर्रार और शानदार तरीके से काम करने की बनी हुई है। ज़मीन से जुड़े अधिकारी के तौर पर मयूर दीक्षित फेमस भी रहे है। रुद्रप्रयाग के डीएम बनने से पहले आईएएस मयूर दीक्षित उत्तरकाशी जिले के जिलाधिकारी थे. जब वह उत्तरकाशी की डीएम थे तब वह कई बार अपने सरकारी आवास से घर पर आना जाना साइकिल से भी करते थे।