Oct 12, 2026 Login
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उत्तराखंड: फिर विवादों में घिरा ब्राइट एंजल स्कूल!पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री की फ़ोटो मिलने से मचा हड़कंप,मुस्लिम टीचर्स को ज़्यादा सैलरी!हिजाब में नजर आई टीचर्स और स्टूडेंट्स!स्कूल प्रबंधन बाल आयोग के सवालों के नही दे पाया जवाब, बैठी जांच

Uttarakhand: Bright Angel School surrounded by controversies again! Photo of former Prime Minister of Pakistan stirred up, more salary to Muslim teachers! Teachers and students seen in hijab! School

पिछले साल इस्लामीकरण किये जाने के आरोपों में घिरा विकासनगर के जीवनगढ़ स्थित ब्राइट एंजल स्कूल एक बार फिर विवादों में घिर गया है। स्कूल के अंदर पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की फ़ोटो मिलने से हड़कंप मच गया। इतना ही नही ये भी शिकायत मिली है कि इस स्कूल में हिंदू टीचर से ज़्यादा सैलरी मुस्लिम टीचर्स को दी जाती है मुस्लिम स्टूडेंट्स और टीचर्स हिजाब पहनकर स्कूल आती है,और दिन में कक्षा के बीच ही बच्चों को नमाज पढ़ने पास के ही मदरसे ले जाया जाता है। इस सूचना पर उत्तराखंड बाल आयोग की अध्यक्ष डॉ गीता खन्ना ने टीम के साथ स्कूल में औचक निरीक्षण किया। टीम द्वारा स्कूल परिसर और क्लासेज की जांच की गई। 
आयोग की अध्यक्ष ने स्थानीय मीडिया को बताया कि निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं पाई गई है। सबसे पहले तो स्कूल की ज़मीन का उपयोग नही बदला गया न ही भवन का मानचित्र उपलब्ध है,जबकि स्कूल को ध्वस्तीकरण और सील करने के एमडीडीए के आदेश थे। हालांकि स्कूल प्रबंधन ने इस पर स्टे लिया हुआ है। लेकिन यहां धड़ल्ले से नवीन निर्माण करवाये गए है। उन्होंने बताया यहां गुडलक पार्टी का आयोजन किया जा रहा था, जिसमे 9 और 10वी के स्टूडेंट्स शामिल थे जबकि प्ले ग्रुप से 12वी तक के स्टूडेंट्स की क्लास संचालित नही की जा रही थी।

आयोग के सदस्य विनोद कपरुवाण के अनुसार, उन्हें शिकायत मिली थी कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ स्कूल के प्रबंधन समिति के मुखिया की भारतीय सेना की वर्दी में फोटो है। इसकी एक छायाप्रति भी उन्हें प्रेषित की गई थी। इसके अलावा कुछ शिकायतें भी मिलीं थीं। आयोग की टीम के निरीक्षण के दौरान स्कूल के संचालन से लेकर निर्माण में कई अनियमितताएं मिली हैं।

स्कूल संचालक लेफ्टिनेंट कर्नल कादिर हुसैन (सेनि.) से जब उन्होंने पूछताछ की गई तो वह कई प्रश्नों के उत्तर स्पष्ट नहीं दे पाए। स्कूल में छात्राएं एवं शिक्षिकाएं हिजाब पहने हुईं मिलीं। हाईवे पर स्कूल के होर्डिंग लगाने की लोक निर्माण विभाग से अनुमति लिए जाने के सवाल पर वह स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाए। उन्हें शिकायत मिली थी कि विद्यार्थियों को बीच कक्षा से नमाज के लिए बुलाया जाता है।

आयोग की टीम ने मौके से कई दस्तावेज जब्त भी किए हैं। जबकि स्कूल संचालक एवं शिक्षकों से पूछताछ भी की। इस दौरान संचालक कई सवालों के जवाब स्पष्ट नहीं दे पाए। वही प्रबंधन द्वारा अपने स्कूल की साख बचाने को कई जगह चैरिटी देने के हवाला दिया गया जब आयोग ने इसके दस्तावेज मांगे तो प्रबंधन वो भी उपलब्ध नही करवा पाया।इसके अलावा स्कूल प्रबंधन द्वारा टीचर्स की सैलरी का भी खेल खेला जा रहा है। इनकम टैक्स से बचने के लिए टीचर्स के वेतन में मोटी रकम दिखाकर उन्हें सैलेरी उतनी नही दी जा रही। ऐसे में आयोग ने स्कूल प्रबंधन से कई बिंदुओं पर स्पष्टीकरण तलब किया है। निरीक्षण के दौरान इस बात की भी पुष्टि हुई कि स्कूल की मान्यता सीबीएसई हिंदी मीडियम से ली हुई है लेकिन स्कूल में मानकों को ताक पर रख इंग्लिश मीडियम में संचालन किया जा रहा है,इसके लिए पैरेंट्स से मोटी फीस वसूली जा रही है।आयोग ने स्कूल की मान्यता रद करने के लिए सरकार को पत्र भेजा है। 


आपको बता दें कि यह स्कूल पूर्व में नमाज के लिए शुक्रवार की छुट्टी को लेकर विवादों में रह चुका है।स्कूल के निदेशक लेफ्टिनेंट कर्नल कादिर हुसैन सेनि व प्रधानाध्यापिका राणा अलमास ने लिखित में माफीनामा देते हुए छुट्टी का विवादित निर्णय वापस ले लिया था। स्कूल पर इस्लामीकरण का आरोप लग चुका है स्कूल के संचालक लेफ्टिनेंट कर्नल कादिर हुसैन (सेनी.) पूर्व में मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष रह चुके है। इस बात पर भी संदेह जताया जा रहा है कि स्कूल संचालन की आड़ में कहीं मदरसा भी तो संचालित नही किया जा रहा। आयोग द्वारा तमाम बिंदुओं पर स्कूल से स्पष्टीकरण मांगा गया है अब आयोग जांच के दायरे को आगे बढ़ाने में जुट गया है।