Oct 11, 2026 Login
Awaaz24x7-government

उत्तराखंड ब्रेकिंग: श्री कैंची धाम के नाम से जानी जाएगी अब कौश्याकुटौली तहसील सीएम धामी ने की घोषणा साथ ही एक वर्ष के भीतर पूरा होगा सेनिटोरियम-रातीघाट लिंक मार्ग

Uttarakhand Breaking: Kaushyakutauli Tehsil CM Dhami will now be known as Shri Kainchi Dham, along with the sanatorium-Ratighat link road will be completed within a year

कैंची मंदिर के स्थापना दिवस पर बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कौश्याकुटौली तहसील का नाम बदलकर श्री कैंची धाम तहसील रखने की घोषणा की है। साथ ही सीएम ने सेनिटोरियम से रातीघाट बाईपास मार्ग को एक साल के अंदर करने की घोषणा की है। उक्त मामले की जानकारी कौश्याकुटौली एसडीएम परितोष वर्मा की ओर से दी गई है। घोषणा के बाद स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया है। एसडीएम पारितोष वर्मा ने बताया कि सीएम की ओर से की गई घोषणा का सरकारी फरमान जारी हो चुका है।

उत्तराखंड के नैनीताल के पास कैंची धाम में बाबा नीम करौली 1961 में पहली बार यहां आए और उन्होंने अपने पुराने मित्र पूर्णानंद जी के साथ मिलकर यहां आश्रम बनाने का विचार किया था। बाबा नीम करौली ने इस आश्रम की स्थापना 1964 में की थी।

15 जून को देवभूमि कैंची धाम में मेले का आयोजन होता है और यहां पर देश-विदेश से बाबा नीम करौली के भक्त आते हैं। मान्यता है कि बाबा नीम करौली के रूप में भगवान हनुमान यहाँ निवास करते है है। देश-विदेश से हजारों भक्त यहां हनुमान जी का आशीर्वाद लेने आते हैं।

बाबा नीम करौली के चमत्कारों पर रिचर्ड एलपर्ट (रामदास) के द्वारा एक किताब लिखी गयी है जिसे 'मिरेकल ऑफ़ लव' जाना जाता है और इसी किताब में  'बुलेटप्रूफ कंबल' नाम से एक घटना का जिक्र है। बाबा हमेशा कंबल ही ओड़ा करते थे। आज भी लोग जब उनके मंदिर जाते हैं तो उन्हें कंबल भेंट करते हैं।

 

नीम करोली बाबा के भक्तों में एप्पल के मालिक स्टीव जॉब्स, फेसबुक के मालिक मार्क जुकरबर्क और हॉलीवुड एक्ट्रेस जूलिया रॉबर्ट्स का नाम लिया जाता है। अभी कुछ दिनों पहहले विराट कोहली और अनुष्का शर्मा के आने से भी कैंची धाम काफी प्रशिद्द हो गया है इस बार मेले में रिकार्ड तोड़ भक्त पहुँच रहे है ।