उत्तराखंड:यहाँ सरकारी और निजी स्कूलों में शिक्षकों के मोबाइल फोन इस्तेमाल करने पर लगा प्रतिबंध!लॉक डाउन में मोबाइल से ही पढ़ाते थे शिक्षक अब स्कूल में मोबाइल से रहना होगा दूर
कोरोना काल मे जब लॉक डाउन लगा तो पढ़ाई का एकमात्र साधन मोबाइल ही बच्चों और अध्यापकों के बीच कनेक्शन बनाने में सहायक सिद्ध हुआ। ऑनलाइन क्लासेज शुरू हो गयी,और दो साल देशभर के विद्यार्थियों ने सिर्फ मोबाइल या टैब के माध्यम से ही पढ़ाई पूरी की और अगली कक्षा में गए। आज हालात सामान्य हो रहे है तो इसी मोबाइल पर अब प्रतिबंध लगाया जा रहा है। हम बात कर रहे है उत्तराखंड के हरिद्वार जिले की जहाँ डीएम विनय शंकर पांडे ने जिले के सभी विद्यालयों में एंट्री करने से पहले शिक्षकों को अपना मोबाइल फोन प्रिंसिपल के पास जमा करवाने के निर्देश दिए है। अब जिलेभर में किसी भी स्कूल में शिक्षकगण मोबाइल का प्रयोग नही कर पाएंगे। ये आदेश डीएम ने अभिभावकों द्वारा मिल रही शिकायत के बाद दिए।

अभिभावकों ने शिकायत की थी कि स्कूल में शिक्षकों का ध्यान बच्चों की पढ़ाई से ज़्यादा अपने मोबाइल फोन में रहता है। शिक्षक पढ़ाने की बजाय मोबाइल में ही बिजी रहते है,जिस वजह से बच्चों का ध्यान भी पढ़ाई में नही लगता और बच्चों पर बुरा असर पड़ रहा है। डीएम विनय शंकर ने अभिभावकों की इस शिकायत को गंभीरता से लिया और जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के प्रिंसिपल एवं संचालकों को सख्त दिशा निर्देश देते हुए कहा कि स्कूल आते ही सभी शिक्षक प्रिंसिपल के पास अपना मोबाइल फोन जमा करवाएंगे छुट्टी के वक्त मोबाइल वापस कर दिया जाएगा। डीएम ने ये भी कहा कि अगर कोई इन आदेशों का पालन नही करता तो उस विद्यालय के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। आदेशो का पालन हो रहा है या नही इसके लिए डीएम किसी भी वक्त औचक निरीक्षण कर सकते है। केवल इमरजेंसी की स्थिति में ही मोबाइल शिक्षक को दिया जाएगा अन्यथा नही।