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उत्तराखंड-आयुष्मान कार्ड फर्जीवाड़ा!सूचीबद्ध अस्पताल मरीजों से भी और राज्य सरकार से भी वसूल रहे है मोटा पैसा!आयुष्मान कार्ड धारकों से अगर अब लिया पैसा तो भरना पड़ेगा 10 गुना जुर्माना!क्या है आयुष्मान कार्ड क्लेम की नई व्यवस्था,कौन आयुष्मान योजना का लाभार्थी नहीं जानिए लिंक में क्लिक करके

Uttarakhand-Ayushman card fraud! Listed hospitals are charging huge money from patients as well as from the state government

उत्तराखंड:6/11/2022

 

उत्तराखंड में कई अस्पताल आयुष्मान योजना के लाभार्थियों के इलाज में फर्जीवाड़ा करते हुए आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों के साथ फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध कुछ अस्पताल मरीजों से आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद मरीजों से मोटा पैसा वसूल रहे है,इतना ही नही मरीज के इलाज में आने वाले खर्च को क्लेम कर राज्य सरकार को लिस्ट भेज रहे है,यानी मरीजों से भी लूट और सरकार से भी वसूली। कई अस्पताल आयुष्मान का कार्ड लेकर पहले पंजीयन करते हैं। फिर नोडल सेंटर से स्वीकृति मिलने में देरी का बहाना बनाते हैं। इस दौरान मरीज से इलाज और जांच के नाम पर रुपये वसूलते रहते हैं। मरीज के डिस्चार्ज होने पर उसे आयुष्मान का लाभार्थी दिखाकर योजना के तहत भी पैसा वसूल लेते हैं। एक जांच में राज्य के 12 प्राइवेट अस्पतालो ने इस तरह का फर्जीवाड़ा किया है जिसकी पोल खुली तो राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने इन अस्पतालों से 3 गुना जुर्माना लगाया।

नियम है कि यदि अस्पताल में किसी मरीज का इलाज चल रहा है और उसकी आगे के इलाज की सुविधाएं अस्पताल में नहीं हैं तो आसपास के नजदीकी अस्पताल में आयुष्मान के तहत केस स्थानांतरित किया जाए,इलाज के नाम पर रुपये न लिए जाएं।

आयुष्मान योजना में कार्ड धारक के लिए काफी सरल व्यवस्था बनाई गई है। योजना में पंजीकृत निजी अस्पताल में जाने के बाद कार्ड और परिचय पत्र देकर पंजीयन कराया जाता है। पंजीयन के बाद आयुष्मान मुख्यालय से स्वीकृति में देरी हो तो भी मरीज से रुपये नहीं ले सकते।

पांच दिन तक मरीज को भर्ती करने के बाद भी अस्पताल आयुष्मान में पंजीयन कर सकते हैं। इसके बाद भी ज्यादातर निजी अस्पताल आयुष्मान के मरीज से तत्काल वसूली करने लगते हैं। एक तरह से निजी अस्पताल आयुष्मान कार्ड धारकों से दोहरी कमाई कर रहे हैं। विभिन्न अस्पतालों में कार्यरत कर्मचारी खुद इस खेल का खुलासा करते हैं।

आयुष्मान कार्ड फर्जीवाड़े के मामले में राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण अध्यक्ष डीके कोटिया का कहना है कि आयुष्मान योजना में जो अस्पताल मरीजों से इलाज का पैसा ले रहे हैं , उन पर सख्त कार्रवाई की जा रही है । पहली बार में तीन गुना जुर्माना लगाया जा रहा है।डिस्चार्ज मरीज से सत्यापन अनिवार्य किया गया है । नई व्यवस्था के तहत अस्पतालों से क्लेम दावे के लगभग 5500 से अधिक आवेदन मिले । इसमें 32 मामलों में 12 अस्पतालों ने मरीजों से इलाज का पैसा लिया । लगभग 1700 से अधिक क्लेम आवेदनों को रद्द कर दिया गया।

आयुष्मान कार्ड धारकों से अगर इस योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों ने पैसा लिया तो पहली बार इन अस्पतालों से 3 गुना, दूसरी बार 5 गुना,और तीसरी बार फर्जीवाड़ा करने पर 10 गुना अधिक जुर्माना वसूला जाएगा।


सरकार ने कुछ ऐसे पैमाने सेट किए हैं, जिनके तहत आने वाले लोग लिस्ट में शामिल नहीं किए जा सकते। जाहिर है, इन श्रेणियों के लोग आयुष्मान भारत योजना का लाभ भी नहीं पा सकते।

1. जिसके पास मोटर से चलने वाला दोपहिया, तिपहिया, चौपहिया वाहन या Fishing Boat वोट है
2. जिसके पास मशीन से चलने वाला तिपहिया, चौपहिया कृषि उपकरण है
3. जिसके पास 50 हजार रुपए से जयादा लिमिट वाला Kisan Credit Card है
4. जिसके घर का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है
5. जिसके पास कोई रजिस्टर्ड गैर कृषि बिजनेस है
6. जिसके घर का कोई सदस्य 10 हजार रुपए प्रतिमाह से अधिक कमाता हो
7. अगर आप Income Tax चुकाते हैं
8. अगर आप professional tax चुकाते हैं
9. जिसके पास 3 या अ​धिक कमरों वाला पक्का घर (पक्की दीवारों व पक्की छत वाला) है
10.जिसके पास refrigerator है
11.जिसके पास landline phone है
12.जिसके पास सिंचाई का साधन है और 2.5 एकड़ से अधिक सिंचित जमीन है
13.जिसके पास 5 एकड़ से अधिक सिंचित जमीन है और उस पर कम से कम दो सीजन की फसल होती हो
14. जिसके पास कम से कम 7.5 एकड़ जमीन है और कम से कम एक सिंचाई का उपकरण है