उत्तराखण्डः पकड़ा गया साइबर क्राइम का शातिर अपराधी! नैनीताल निवासी रिटायर्ड अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट कर ठगे थे 20 लाख रूपए, तलाश में राजस्थान तक पहुंची एसटीएफ

 Uttarakhand: A notorious cybercriminal has been arrested! A retired Nainital resident was duped of 20 lakh rupees through digital arrest. The STF reached Rajasthan in search of him.

नैनीताल। साइबर धोखाधड़ी के मामले में एसटीएफ को एक बड़ी सफलता मिली है। देहरादून और कुमाऊं एसटीएफ की संयुक्त टीम ने नैनीताल निवासी एक रिटायर्ड अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट कर 20 लाख रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को जयपुर राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार नैनीताल निवासी बुजुर्ग ने दिसम्बर 2025 में साइबर थाना कुमाऊं परिक्षेत्र रुद्रपुर में शिकायत दर्ज कराई थी, कि दिसंबर में उनके पास फोन आया और खुद को दिल्ली क्राइम ब्रांच और सीबीआई से बताते हुए बुजुर्ग के नाम पर खुले एक बैंक खाते में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत करोड़ों रुपये के लेनदेन होने की बात कही गई थी। जिसके लिए बुजुर्ग के सभी बैंक खातों और जमीन जायदाद का वेरिफिकेशन करने के लिए व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर ही बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट करते हुए 3 दिनों में कुल 20 लाख रुपये की धनराशि अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवाई गई। जिसके बाद पुलिस टीम ने बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का सत्यापन किया। जिसमें आरोपी 19 वर्षीय महीम सिसौदिया, निवासी जयपुर राजस्थान को चिन्हित करते हुए आरोपी की तलाश करते हुए थाना शिप्रा पथ जयपुर राजस्थान से गिरफ्तार किया गया। साइबर एएसपी कुश मिश्रा ने बताया है कि आरोपी काफी शातिर और पेशेवर किस्म का व्यक्ति है, जो लगातार अपनी पहचान व जगह बदल रहा था। जिसके द्वारा बैंक खाते मे रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर को धनराशि निकालकर पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए स्विच ऑफ कर लिया गया। पुलिस टीम ने बैंक खाताधारक के पते पर जयपुर जाकर तस्दीक किया गया तो दर्ज पते पर भी आरोपी का निवास न होना पाया गया। आसपास के लोगों से जानकारी लेने पर पता चला कि आरोपी कई सालों पहले यह पता छोड़ कर कही चला गया है, जिसके बाद पुलिस टीम ने नए पते जानकारी कर आरोपी महीम सिसौदिया को जयपुर राजस्थान को गिरफ्तार किया गया। बताया कि जिस बैंक खाते का प्रयोग किया जा रहा था उसमें दिसम्बर महीने में ही लाखों रुपयों का लेन-देन होना पाया गया है। आरोपी के खिलाफ अलग-अलग राज्यों कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, पंजाब, उत्तर प्रदेश में 7 शिकायतें दर्ज हैं, जिस संबंध में संबंधित राज्यों से भी सम्पर्क किया जा रहा है।