उत्तराखण्डः सरकार के चार साल पूरे होने पर हल्द्वानी में भव्य कार्यक्रम! रक्षामंत्री राजनाथ सिंह बोले- यहां के लोगों में दिखती है पर्वत सी अटलता, सीएम धामी को बताया धुरंधर
हल्द्वानी। धामी सरकार के चार साल पूरे होने के मौके पर आज हल्द्वानी में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में शिरकत की और लोगों को सम्बोधित किया। कार्यक्रम में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि सीएम धामी धाकड़ ही नहीं, धुरंधर भी हैं। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तराखण्ड की यह भूमि वेदों और देवों की भूमि है। मैं उत्तराखण्ड वासियों के स्वभाव से अच्छी तरह परिचित हूं। यहां के लोगों में पर्वत सी अटलता देखने को मिलती है। कहा कि उत्तराखण्ड आस्था, अध्यात्म और संस्कृति की भूमि है। यह ऋषि-मुनियों की धरती है, यह तपोभूमि है, यहां की ज्ञान, साधना और संस्कारों की परंपरा पूरे राष्ट्र को दिशा देती है। उन्होंने कहा कि जब भी देश की सीमाओं की सुरक्षा की बात आती है तो उत्तराखण्ड के वीर इसमें पीछे नहीं हटते। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि 2022 में पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में हमने स्पष्ट बहुमत हासिल किया था। उस समय मैंने कहा था कि हमारे ये धामी धाकड़ धामी हैं और अब मैं कहता हूं कि मुख्यमंत्री धाकड़ होने के साथ ही धुरंधर धामी भी हैं। राजनाथ सिंह ने कहा चार वर्ष पूरे होने पर सीएम धामी ने चौका मारा है। छह वर्ष पूरे होने पर धामी छक्का मारने में भी कामयाब होंगे।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज पूरी दुनिया एक संकट के दौर से गुजर रही है। आज सारी दुनिया में युद्ध चल रहा है। यह केवल भारत के लिए ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के लिए एक चिंता का विषय है। इस संकट की घड़ी में दुनिया का कोई देश प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकता है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व ने हमें उस स्थिति तक पहुंचने नहीं दिया। कहा कि भारत ने अपना पक्ष रखते हुए स्पष्ट रूप से कहा है और आज हमारे प्रधानमंत्री मोदी ने भी कहा है कि हमें इसका समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही निकालना होगा। जहां तक भारत का सवाल है, प्रधानमंत्री मोदी ने जिस तरह से विश्व में भारत का कद बढ़ाया है, हम उनकी कितनी भी प्रशंसा कर लें, वह कम है। आज अगर हमारा भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कुछ कहता है, तो पूरी दुनिया ध्यान से सुनती है। आज यही है पूरी दुनिया में भारत का दर्जा।