उत्तराखण्डः क्रिकेट लीग के नाम पर करोड़ों की ठगी मामला पहुंचा हाईकोर्ट! विकास ढाका की गिरफ्तारी पर सवाल, हाईकोर्ट ने मांगी रिमांड सीट की प्रति

Uttarakhand: A case of fraud worth crores in the name of a cricket league has reached the High Court! Vikas Dhaka's arrest is questioned, and the High Court has requested a copy of the remand warrant

नैनीताल। उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय में हल्द्वानी में क्रिकेट लीग के नाम पर धोखाधड़ी के मामले में मुख्य आरोपी विकास ढाका की पुलिस द्वारा नियम विरुद्ध की गई  गिरफ्तारी को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता से रिमांड सीट की प्रति कोर्ट में दाखिल करने को कहा है। मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने 12 फरवरी की तिथि नियत की गई है। आज हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को अवगत कराया कि विकास को पुलिस ने सवेरे 11ः30 बजे पुलिस स्टेशन में बैठाया रखा और रात 9 बजे धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज हुई, जबकि रिमांड सीट में गिरफ्तारी अगले दिन 4 बजे दिखाई गई। बता दें कि हल्द्वानी के गौलापार स्थित इंदिरा गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में प्रस्तावित ईवीसीएल (एपिक विक्ट्री क्रिकेट लीग) के नाम पर कई लोगों के साथ हुई धोखाधड़ी के मामले में नैनीताल पुलिस ने मुख्य आरोपी विकास ढाका को गिरफ्तार किया है। लीग के आयोजक और मालिक विकास ढाका पर फ्रेंचाइजी के नाम पर लोगों के साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप लगे हैं। हल्द्वानी के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 3 फरवरी से 12 फरवरी तक ईवीसीएल लीग क्रिकेट मैच का आयोजन करने और उसमें राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के आने का झांसा देकर लोगों फ्रेंचाइजी बेचा था। एसएसपी नैनीताल मंजूनाथ टीसी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि सितारगंज के पूर्व विधायक नारायण पाल व हरियाणा के एक युवक से 32 लाख की धोखाधड़ी के मामले में मुकदमा दर्ज कराया था।