नैनीताल:सड़क हादसा केस में कैलाश सिंह बरी,साक्ष्यों के अभाव और अधिवक्ता की दमदार पैरवी से अभियुक्त हुआ दोषमुक्त

Nainital: Kailash Singh Acquitted in Road Accident Case; Accused Exonerated Due to Lack of Evidence and Advocate's Robust Defense

नैनीताल 

नैनीताल की अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) अदालत ने सड़क दुर्घटना से जुड़े एक अहम मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए अभियुक्त कैलाश सिंह को दोषमुक्त करार दिया। अदालत ने 09 अप्रैल 2026 को सुनाए गए अपने निर्णय में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी की लापरवाही को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा, जिसके चलते आरोपी को संदेह का लाभ दिया गया। इस मामले की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि रंजन की अदालत में हुई, जहां भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 279 और 304A के तहत अभियुक्त पर मुकदमा चल रहा था। लगभग दो वर्षों तक चले इस केस में अंततः बचाव पक्ष की मजबूत दलीलों के आधार पर आरोपी को न्याय मिला।

बचाव पक्ष की मजबूत पैरवी बनी अहम आधार

मामले में बचाव पक्ष के अधिवक्ता मो. खुर्शीद हुसैन और आज़ाद खान ने अदालत में प्रभावी पैरवी करते हुए यह तर्क रखा कि दुर्घटना अभियुक्त की लापरवाही से नहीं, बल्कि मोटरसाइकिल सवारों की अपनी गलती से हुई थी। उन्होंने अदालत को बताया कि घटना के समय बाइक तेज गति में थी और नियंत्रण खोने के कारण सड़क किनारे पुलिया से टकरा गई। हेलमेट न पहनने के कारण महिला सवार की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि चालक को गंभीर चोटें आईं और अस्पताल ले जाते समय उसकी भी मौत हो गई। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि अभियुक्त कैलाश सिंह उस समय माल से भरा ट्रक लेकर धीमी गति से जा रहा था। उसने हादसा देखकर ट्रक रोका और घायलों की मदद के लिए आवाज लगाई, लेकिन पुलिस ने मदद करने वाले चालक को ही आरोपी बना दिया।

तकनीकी साक्ष्य और देरी बनी केस की कमजोरी

बचाव पक्ष ने यह भी उजागर किया कि पुलिस की तकनीकी जांच में ट्रक और बाइक की टक्कर के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले। इसके अलावा, घटना के छह दिन बाद प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसका कोई संतोषजनक कारण भी प्रस्तुत नहीं किया गया।अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 11 गवाह पेश किए गए, लेकिन कोई भी प्रत्यक्षदर्शी साक्ष्य या ठोस प्रमाण आरोपी के खिलाफ निर्णायक रूप से सामने नहीं आ सका।


क्या था पूरा मामला?

यह हादसा 31 दिसंबर 2023 की रात करीब 11 बजे भीमताल क्षेत्र के सलड़ी के पास हुआ था। आरोप था कि कैंटर (UK04 CB 9975) ने मोटरसाइकिल (UK06 AC 4518) को टक्कर मार दी।

इस दुर्घटना में बाइक चालक दीपक नेगी गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनकी अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। वहीं, पीछे बैठी पूजा सक्सेना की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। घटना के बाद दीपक नेगी के पिता प्रताप सिंह नेगी की तहरीर पर थाना भीमताल में मुकदमा दर्ज किया गया और जांच के बाद कैलाश सिंह के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में पेश किया गया।

कोर्ट का फैसला

सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान पर विचार करने के बाद अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपी की लापरवाही को संदेह से परे साबित नहीं कर सका। इसी आधार पर अदालत ने कैलाश सिंह को दोषमुक्त करार दिया। साथ ही, आरोपी के व्यक्तिगत बंधपत्र और जमानत भी समाप्त कर दी गई, जिससे उन्हें पूरी तरह से मुकदमे से राहत मिल गई।