अमेरिका-वेनेजुएला संघर्षः यूएन ने बुलाई आपात बैठक! दुनियाभर में तेजी से बदल रहे हालात, हमले में अब तक 40 लोगों ने गंवाई जान! ट्रंप पर बरसीं कमला हैरिस

US-Venezuela conflict: UN calls emergency meeting! Situations are rapidly changing worldwide, with 40 people killed in the attacks so far! Kamala Harris slams Trump.

नई दिल्ली। वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले के बाद दुनियाभर में हलचल मची हुई है और हालात तेजी से बदल रहे हैं। राष्ट्रपति मादुरो पहले ही अमेरिका के कब्जे में बताए जा रहे हैं। इसी बीच देश को नया अंतरिम राष्ट्रपति भी मिल गया है। वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट ने डेल्सी रोड्रिगेज को अंतरिम राष्ट्रपति घोषित कर दिया है। दूसरी ओर राष्ट्रपति  डोनाल्ड ट्रंप ने कह दिया है कि वेनेजुएला में अमेरिका के इशारों पर ही सरकार चलेगी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद दुनिया दो खेमों में बंटती नजर आ रही है। एक धड़ा अमेरिका की कार्रवाई का समर्थन कर रहा है, जबकि दूसरा वेनेजुएला के साथ खड़ा दिखाई दे रहा है। संयुक्त राष्ट्र समेत कई देशों ने इस स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। इस बीच यूएन आज आपात बैठक करने जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक अमेरिकी अटैक में 40 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। वहीं वेनेजुएला में स्थित अमेरिकी दूतावास ने वहां मौजूद अमेरिकी नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षा से जुड़े ताज़ा अपडेट पाने के लिए स्मार्ट ट्रैवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम में पंजीकरण कराएं। दूतावास ने यह भी चेतावनी दी है कि देश में सुरक्षा हालात तेजी से बदल रहे हैं, ऐसे में सतर्क रहना बेहद जरूरी है। इधर रैपिड रिस्पॉन्स का एक वीडियो क्लिप सामने आया है, जिसमें मादुरो हथकड़ियों में चलते हुए दिखाई दे रहे हैं और उनके चारों ओर सुरक्षा अधिकारी मौजूद हैं।

 कमला हैरिस ने डोनाल्ड ट्रंप पर साधा निशाना
अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने वेनेजुएला पर एक्शन को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि ये मामला ड्रग्स या डेमोक्रेसी का नहीं, बल्कि तेल का है। उन्होंने एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि वेनेजुएला में डोनाल्ड ट्रम्प की कार्रवाइयों से अमेरिका न तो अधिक सुरक्षित, न ही अधिक मजबूत और न ही अधिक किफायती बनता है। मादुरो का क्रूर और अवैध तानाशाह होना इस तथ्य को नहीं बदलता कि ये कार्रवाई गैरकानूनी और नासमझी भरी थी। सत्ता परिवर्तन या तेल के लिए युद्ध, जिन्हें ताकत के रूप में पेश किया जाता है, लेकिन अंततः अराजकता में तब्दील हो जाते हैं और अमेरिकी परिवारों को इसकी कीमत चुकानी पड़ती है। हैरिस ने आगे कहा कि अमेरिकी जनता ऐसा नहीं चाहती और वे झूठ से तंग आ चुके हैं। ये मामला न तो ड्रग्स का है और न ही लोकतंत्र का। ये तेल और डोनाल्ड ट्रंप की क्षेत्रीय ताकतवर नेता बनने की चाहत का है। अगर उन्हें इन दोनों की परवाह होती, तो वे न तो दोषी ठहराए गए ड्रग तस्कर को माफ करते और न ही मादुरो के साथियों के साथ सौदे करते हुए वेनेजुएला के वैध विपक्ष को दरकिनार करते। उन्होंने ट्रंप पर सैनिकों को खतरे में डालने का आरोप लगाते हुए कहा कि राष्ट्रपति सैनिकों को खतरे में डाल रहे हैं, अरबों डॉलर खर्च कर रहे हैं, एक क्षेत्र को अस्थिर कर रहे हैं और न तो कोई कानूनी अधिकार दे रहे हैं, न ही कोई निकास योजना और न ही देश को कोई लाभ पहुंचा रहे हैं। पूर्व उपराष्ट्रपति ने स्पष्ट करते हुए कहा कि अमेरिका को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है, जिसकी प्राथमिकताएं कामकाजी परिवारों के लिए लागत कम करना, कानून का शासन लागू करना, गठबंधनों को मजबूत करना और सबसे महत्वपूर्ण बात अमेरिकी जनता को सर्वोपरि रखना हो।