पलामू में बवाल: चियांकी झड़प मामले में 125 ग्रामीणों पर एफआईआर,दो जवान जख्मी,इलाके में निषेधाज्ञा लागू

Uproar in Palamu: FIR against 125 villagers over the Chiyanki clash; two security personnel injured; prohibitory orders imposed in the area.

पलामू। जिले के सदर थाना क्षेत्र के चियांकी में नेशनल हाईवे फोरलेन निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान प्रशासन और ग्रामीणों के बीच हुआ विवाद अब कानूनी कार्रवाई में तब्दील हो चुका है। शुक्रवार को हुई हिंसक झड़प और पत्थरबाजी के बाद, प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। सदर अंचलाधिकारी जागो महतो के आवेदन पर सदर थाने में 25 नामजद और 100 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। सदर थाना प्रभारी अफजाल अंसारी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस उपद्रवियों की पहचान और आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

जानकारी के अनुसार, चियांकी में एनएचएआई के फोरलेन सड़क निर्माण के लिए जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। शुक्रवार को जब प्रशासनिक और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, तो ग्रामीण लामबंद हो गए। सीओ जागो महतो ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने के लिए ग्रामीणों को अंतिम अवसर दिया जा रहा था। इसी बीच, अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि भोला और राम नामक व्यक्ति की पत्नी पूर्णिमा देवी ने भीड़ को ललकारना शुरू कर दिया। पूर्णिमा देवी के उकसावे के बाद वहां मौजूद भीड़ उग्र हो गई। सड़क निर्माण में लगे आधुनिक उपकरणों और मशीनों को नुकसान पहुंचाने तथा काम रुकवाने की नीयत से प्रशासन पर चौतरफा ईंट-पत्थर बरसने लगे। इस अचानक हुए हमले में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिस जवान गंभीर रूप से जख्मी हो गए, जिन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया। घटना की संवेदनशीलता और दोबारा झड़प की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित कदम उठाए हैं। चियांकी और उसके आसपास के प्रभावित इलाकों में 09 एवं 10 जुलाई को निषेधाज्ञा (धारा 144) लागू कर दी गई है, ताकि स्थिति को नियंत्रित रखा जा सके और असामाजिक तत्व दोबारा कानून हाथ में न ले सकें। अंचलाधिकारी के इस आवेदन पर दंडाधिकारी सत्यम कुमार ने भी हस्ताक्षर कर अपनी सहमति दी है। वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती के कारण तनाव व्याप्त है। पुलिस ने जिन 25 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है, उनमें मुख्य रूप से अनिल उरांव, सुनील उरांव, पूर्णिमा देवी, अंकित कुमार, बसंती देवी, नंद किशोर पासवान, अनिल प्रसाद, शंभू शाह, अनिल उरांव की पत्नी, सुनील उरांव की पत्नी, रोहित शाह, रॉकी, विनोद साहू का बेटा, प्रमोद साहू का भतीजा, राजू साव, सोनू साव, नगू प्रसाद गुप्ता, नागेंद्र, सरजीत प्रसाद, सत्यनारायण कुमार और जोगिंदर प्रसाद समेत अन्य शामिल हैं। प्रशासन का साफ कहना है कि विकास कार्यों में बाधा डालने और कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, दूसरी ओर भारी संख्या में अज्ञात लोगों पर एफआईआर होने के बाद से गांव के कई पुरुष गिरफ्तारी के डर से भूमिगत हो गए हैं। पुलिस वीडियो फुटेज और चश्मदीदों के आधार पर अन्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी कर रही है।