उज्जैन में शाही मस्जिद के चौड़ीकरण की कार्रवाई पर भड़का बवाल: भारी पथराव, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले
उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारियों के तहत चलाए जा रहे सड़क चौड़ीकरण अभियान के दौरान अब्दालपुरा स्थित शाही मस्जिद के विवादित हिस्से को हटाने की कार्रवाई को लेकर स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। रविवार से जारी विरोध प्रदर्शन ने सोमवार को उग्र रूप ले लिया, जिसके बाद उग्र भीड़ ने पुलिस टीम पर जमकर पथराव किया। भीड़ को नियंत्रित करने और स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को जवाबी कार्रवाई में आंसू गैस के गोले दागने पड़े। सिंहस्थ की तैयारियों के बीच उज्जैन के अब्दालपुरा इलाके में शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने की कार्रवाई को लेकर तनाव बढ़ गया है। सोमवार को कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पथराव की स्थिति बनी, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और मस्जिद के आसपास आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने की कार्रवाई को लेकर पिछले दो दिनों से इलाके में विरोध प्रदर्शन चल रहा है। रविवार रात प्रशासन की ओर से जेसीबी और पोकलैंड मशीनें मौके पर पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और मुस्लिम समाज के लोग एकत्र हो गए थे। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। हालात को देखते हुए पुलिस ने करीब 2,000 जवानों को तैनात किया और मस्जिद के 500 मीटर के दायरे में बैरिकेडिंग कर आवाजाही प्रतिबंधित कर दी। मामले में मुस्लिम समाज के भीतर भी अलग-अलग राय सामने आ रही है। एक गुट सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई के तहत मस्जिद के विवादित हिस्से को हटाने पर सहमति जताता बताया जा रहा है, जबकि दूसरा गुट इसके विरोध में है। रविवार रात अधिकारियों की समझाइश के बाद कुछ समय के लिए स्थिति शांत हुई थी। माना जा रहा था कि सोमवार सुबह आपसी सहमति से विवादित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है, लेकिन सोमवार को फिर विरोध तेज हो गया। प्रदर्शन के दौरान भीड़ और पुलिस के बीच तनाव बढ़ा और पुलिस पर पथराव की खबर सामने आई। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया। प्रशासन की ओर से इलाके में लगातार निगरानी की जा रही है। दरअसल, सिंहस्थ के मद्देनजर उज्जैन में कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक करीब 900 मीटर लंबी सड़क को 15 मीटर चौड़ा करने की योजना है। सड़क चौड़ीकरण की जद में कुल सात धार्मिक स्थल आ रहे थे। इनमें से अधिकांश स्थलों को आपसी सहमति से हटाया जा चुका है। हालांकि खड़े हनुमान मंदिर से गोपाल मंदिर के बीच आने वाली एक मजार, खड़े हनुमान मंदिर और शाही मस्जिद को लेकर स्थिति अभी संवेदनशील बनी हुई है। शाही मस्जिद को सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई से बचाने के लिए मुस्लिम समाज के एक धड़े ने कानूनी रास्ता भी अपनाया है। मामला इंदौर हाई कोर्ट पहुंच चुका है और सोमवार को इस संबंध में अहम सुनवाई प्रस्तावित है। ऐसे में प्रशासनिक कार्रवाई और अदालत में चल रही कानूनी प्रक्रिया के बीच उज्जैन में शाही मस्जिद का मामला फिलहाल तनाव का केंद्र बना हुआ है। प्रशासन की प्राथमिकता इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकना है। भारी पुलिस तैनाती और बैरिकेडिंग के बीच अधिकारी प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं।