ऊधमसिंहनगर: आयोग ने दिया महिला के हक़ में फैसला! ठेकेदार को देने पड़ेंगे वादिनी को 18 लाख रुपए
ऊधमसिंहनगर। पंतनगर इंटर कॉलेज की प्रवक्ता डॉ राधा वाल्मीकि ने सरोज नगर छतरपुर ऊधम सिंह नगर में स्थित अपने प्लॉट में भवन निर्माण का कार्य मस्जिद कालोनी निवासी ठेकेदार मोहम्मद यूसुफ अल्वी पुत्र नवाबुद्दीन से दिनांक 19 मार्च 2021 को दोनों पक्षों के मध्य किए गए इकरारनामें के अनुसार कराना प्रारंभ किया जिसके अनुसार ठेकेदार द्वारा रुपए 35 लाख 50 हजार में 30×50 वर्ग मीटर के प्लाट पर भूतल व प्रथम तल पर मय निर्माण सामग्री के भवन निर्माण करके देना था परंतु ठेकेदार द्वारा 1 वर्ष 10 माह का लंबा समय बीत जाने के उपरांत भी कार्य पूर्ण करके नहीं दिया गया जबकि उसने इकरारनामें में वर्णित धनराशि 35 लाख 50 हजार रुपए से भी अधिक रुपए 38 लाख 16 हजार भूस्वामिनी से उनके गंभीर नेत्र रोग से पीड़ित होने का फायदा उठाते हुए धोखे से प्राप्त कर लिए थे तथा और पैसे की मांग करते हुए लगभग 6 माह से कार्य बंद कर दिया था। बार-बार कहने के उपरांत भी भवन निर्माण कार्य पूर्ण न करने पर डॉ.राधा वाल्मीकि ने संविदा भंग करने एवं पूर्ण सेवाएं न देने के आरोप में अपने अधिवक्ता से पहले लीगल नोटिस दिलवाया जिसका उसने मनगढ़ंत जवाब दिया। इससे असंतुष्ट होकर उन्होंने दिनांक 21 जनवरी 2023 को जिला उपभोक्ता फोरम उधम सिंह नगर में अपने अधिवक्ता के माध्यम से वाद दायर करा दिया। वादा दायर करवाने के उपरांत भी कई बार उससे सुलह समझौते के आधार पर पुनः निर्माण कार्य पूर्ण करने का आग्रह किया गया परंतु ठेकेदार नहीं माना दस लाख रुपए और देने की मांग करता रहा।
वाद दायर करने की तिथि से लेकर 5 अक्टूबर 2023 तक लगभग 9 माह की अवधि में माननीय आयोग के तीन सदस्यों की पीठ में वादी प्रतिवादी द्वारा प्रस्तुत किए गए समस्त प्रपत्रों साक्ष्यों का अवलोकन करने एवं दोनों पक्षों के मध्य बहस सुनने के उपरांत अपना निर्णय दिया कि विपक्षी ठेकेदार राजमिस्त्री या मजदूर के रूप में कहीं भी पंजीकृत नहीं है इस आधार पर इसे लाखों रुपए के बड़े-बड़े ठेके लेने का कोई अधिकार नहीं है तथा संविदा में तय राशि से अधिक राशि लेकर भी कार्य पूर्ण न करके संविदा भंग की है।इस आधार पर वादिनी का वाद स्वीकार करने योग्य है।
डॉ. राधा वाल्मीकि का वाद स्वीकार करते हुए माननीय आयोग ने ठेकेदार मोहम्मद यूसुफ को आदेश दिया है कि वह 14 लाख रुपए भवन निर्माण कार्य पूर्ण करने, चार लाख रुपये शारीरिक मानसिक आर्थिक क्षतिपूर्ति के लिए तथा 5 हजार रुपए वाद व्यय के रूप में कुल 18 लाख 5 हजार रुपए डॉ राधा वाल्मीकि को 30 दिन के अंदर अदा करने का आदेश निर्णय के साथ दिनांक 13 अक्टूबर 2023 को जारी किया है।
डॉ राधा वाल्मीकि माननीय आयोग के इस निर्णय से संतुष्ट हैं उनका कहना है कि यह फैसला जनहित में हुआ है इसका लाभ भविष्य में अन्य लोगों को भी मिलेगा। अब यह कथित ठेकेदार अन्य किसी के साथ इस तरह की धोखाधड़ी नहीं कर पाएगा।





