ऊधम सिंह नगरः रुद्रपुर में विश्वकर्मा मार्केट पर चला प्रशासन का पीला पंजा! विरोध में बुलडोजर के आगे खड़े हुए व्यापारी, फोर्स की मौजूदगी में हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर के रुद्रपुर स्थित डीडी चौक के पास विश्वकर्मा मार्केट में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई बुधवार को भी जारी रही। प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में मार्केट की बची हुई 41 दुकानों में से करीब 20 दुकानों को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई शुरू होते ही व्यापारियों में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में व्यापारी, समाजसेवी तथा स्थानीय लोग मौके पर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। कुछ प्रदर्शनकारी कार्रवाई रोकने के लिए बुलडोजर के सामने तक पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें समझा-बुझाकर और मौके से हटाकर स्थिति को नियंत्रित किया, जिसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। विश्वकर्मा मार्केट में अतिक्रमण को लेकर प्रशासन की कार्रवाई पहले भी हो चुकी है। इससे पूर्व पांच दुकानों को ध्वस्त किया गया था। बुधवार को प्रशासनिक टीम दोबारा पुलिस बल के साथ मार्केट पहुंची और बची हुई दुकानों में से करीब 20 दुकानों पर कार्रवाई शुरू कर दी। टीम के पहुंचते ही व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया। प्रशासन और पीडब्ल्यूडी की टीम के साथ भारी पुलिस बल को देखकर व्यापारी मौके पर एकत्र होने लगे। देखते ही देखते विश्वकर्मा मार्केट और आसपास के क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुट गई। व्यापारियों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि इन दुकानों से उनका वर्षों पुराना रोजगार जुड़ा हुआ है। उनका कहना था कि दुकानों को हटाने से पहले प्रभावित दुकानदारों के लिए उचित और स्पष्ट व्यवस्था की जानी चाहिए थी। व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की कि ध्वस्तीकरण से पहले उनके पुनर्वास और वैकल्पिक दुकानों को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाए। उनका कहना था कि अचानक दुकानों के टूटने से उनके सामने कारोबार और रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। विरोध के दौरान कुछ व्यापारी और समाजसेवी ध्वस्तीकरण कर रहे बुलडोजर के सामने पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि जब तक प्रभावित दुकानदारों की मांगों और भविष्य की व्यवस्था को लेकर स्पष्ट समाधान नहीं किया जाता, तब तक दुकानों को नहीं तोड़ा जाना चाहिए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने भावनात्मक विरोध जताते हुए कहा कि पहले उन्हें हटाया जाए, उसके बाद ही बुलडोजर चलाया जाए। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप किया। रुद्रपुर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रकाश सिंह भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बुलडोजर के सामने से हटाया और कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए कार्रवाई को आगे बढ़ाया।
पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्त की गईं करीब 20 दुकानें, मौके पर पहुंचे महापौर
विरोध और हंगामे के बीच प्रशासन अपनी कार्रवाई पर कायम रहा। पीडब्ल्यूडी की टीम ने बुलडोजर के जरिए एक के बाद एक करीब 20 दुकानों को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस कर्मियों ने पूरे क्षेत्र में निगरानी बनाए रखी, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो। कार्रवाई के दौरान व्यापारियों की नाराजगी लगातार बनी रही। दुकानदारों का कहना था कि वर्षों से कारोबार कर रहे लोगों के लिए अचानक दुकानें खाली करना आसान नहीं है। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित व्यापारियों के हित में स्पष्ट और पारदर्शी व्यवस्था की मांग की। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बीच रुद्रपुर के महापौर विकास शर्मा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने व्यापारियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें समझाकर शांत कराने का प्रयास किया। महापौर ने व्यापारियों को प्रस्तावित दुकानों के आवंटन और प्रभावित दुकानदारों के लिए व्यवस्था किए जाने की बात बताई। महापौर के हस्तक्षेप के बाद मौके पर कुछ देर के लिए स्थिति शांत हुई। हालांकि, व्यापारियों की ओर से प्रस्तावित दुकानों के आवंटन को लेकर सवाल उठाए जाते रहे।