कुमाऊं की विकास परियोजनाओं को रफ्तार देने ग्राउंड जीरो पर उतरे यूएडीए सचिव आर. राजेश कुमार, गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के सख्त निर्देश
नैनीताल। उत्तराखंड में पर्यटन और बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने के लिए शासन स्तर पर कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसी सिलसिले में उत्तराखंड आवास एवं नगरीय विकास प्राधिकरण के सचिव आर. राजेश कुमार दो दिवसीय कुमाऊं दौरे के तहत नैनीताल पहुंचे। इस उच्चस्तरीय दौरे का मुख्य उद्देश्य विकास प्राधिकरण द्वारा संचालित की जा रही विभिन्न महात्वाकांक्षी और महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का ग्राउंड जीरो पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करना था। इस दौरान प्राधिकरण के सचिव के साथ ही जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के आला अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे, जिन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की बेहद बारीकी से समीक्षा की।
सचिव आर. राजेश कुमार के इस निरीक्षण अभियान के मुख्य केंद्र बिंदु भीमताल, नौकुचियाताल और कमल ताल में चल रहे पुनर्विकास और सुंदरीकरण के कार्य रहे। चूंकि ये तीनों ही सरोवर स्थानीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी और कुमाऊं के पर्यटन मानचित्र के लिए रीढ़ की हड्डी माने जाते हैं, इसलिए सचिव ने इनकी देखरेख और जीर्णोद्धार के कार्यों को लेकर अधिकारियों को विशेष सतर्कता और संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए। झीलों के निरीक्षण के उपरांत सचिव की टीम सीधे भवाली-नैनीताल रोड पर पहुंची। वहां अशोक होटल और नेशनल होटल के समीप चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और वर्तमान प्रगति का सघन निरीक्षण किया गया। इसके साथ ही, नैनीताल में ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली मेट्रोपोल पार्किंग की जमीनी स्थिति का भी गहन जायजा लिया गया, ताकि वहां पर्यटकों और स्थानीय जनता के लिए सुविधाओं के स्तर को और अधिक बेहतर और आधुनिक बनाया जा सके। निरीक्षण के दौरान सचिव आर. राजेश कुमार ने बेहद कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाते हुए सभी कार्यदाई संस्थाओं और ठेकेदारों को दो टूक निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी कार्यों की गुणवत्ता उत्कृष्ट होनी चाहिए। विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सचिव ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर ही पूरी की जाएं, ताकि स्थानीय जनता को जल्द से जल्द इसका लाभ मिले और देवभूमि आने वाले पर्यटकों को एक सुगम व बेहतर अनुभव प्राप्त हो सके।