युद्धविराम के बीच भड़के ट्रंप: होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी चॉपर क्रैश होने का दावा, ईरानी दूतावास की विवादित पोस्ट से मचा बवाल
नई दिल्ली। ईरान और इस्राइल के बीच हफ्तों से जारी खूनी संघर्ष के बाद भले ही युद्धविराम लागू हो गया हो, लेकिन दोनों गुटों के बीच कड़वाहट और तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। ईरान की सेना द्वारा इस्राइल पर सैन्य हमले रोकने की आधिकारिक घोषणा के ठीक बाद, अब इस महाविवाद में अमेरिका की एंट्री हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा है कि सामरिक रूप से बेहद संवेदनशील होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिका का एक सैन्य चॉपर (हेलीकॉप्टर) क्रैश हो गया है। ट्रंप के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय गलियारों में नए कयासों को जन्म दे दिया है।
इस बीच, ईरान के एक राजनयिक कदम ने जलती आग में घी डालने का काम किया है। ट्यूनीशिया स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर एक बेहद विवादित और आपत्तिजनक तस्वीर पोस्ट कर कूटनीतिक मर्यादाओं को तार-तार कर दिया है। ईरानी दूतावास द्वारा साझा की गई इस विवादित पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मुस्कुराते हुए दिखाया गया है, जबकि उनके ठीक बगल में इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को एक दीवार से टेप के जरिए बेरहमी से बंधा हुआ दर्शाया गया है। इस ग्राफिक तस्वीर के साथ ईरान ने कैप्शन में लिखा है-'इफ यू वॉंट टू डील विद ईरान…' (अगर ईरान से निपटना चाहते हो तो...)। इस पोस्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस्राइल और अमेरिका को दी गई एक सीधी और खुली धमकी के रूप में देखा जा रहा है, जिससे पश्चिमी देश भड़क उठे हैं। गौरतलब है कि कल ही ईरान की ओर से हमले रोकने की बात कहे जाने के बाद मध्य-पूर्व (Middle East) में शांति की उम्मीद जगी थी। कई दिनों के भीषण तनाव के बाद स्थिति को शांत करने की दिशा में इसे एक बड़ा और अहम कदम माना जा रहा था। हालांकि, जमीनी स्तर पर मिसाइलें थमने के बावजूद दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की ओर से हो रही तीखी बयानबाजी और इस तरह की भड़काऊ पोस्ट्स ने साफ कर दिया है कि यह शांति बेहद अस्थाई हो सकती है। अमेरिका, लेबनान, ईरान और इस्राइल की सीमा पर सेनाएं अब भी हाई-अलर्ट पर हैं।