नववर्ष पर सूना रहा नैनीताल!ट्रैफिक प्लान बना पर्यटन पर बाधा,शटल सेवा और बैरियरों से प्रभावित हुआ कारोबार,व्यापारियों की मांग ट्रैफिक प्लान पर हो पुनर्विचार

Tourists did not arrive in Nainital even on New Year's Day! The traffic plan became an obstacle to tourism, and businesses were affected by the shuttle service and barriers. Traders are demanding a r

नैनीताल (उत्तराखंड)

 

नववर्ष के अवसर पर इस वर्ष नैनीताल में पर्यटकों की संख्या अपेक्षा से कहीं कम दर्ज की गई, जिससे पर्यटन आधारित स्थानीय कारोबार को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। आमतौर पर क्रिसमस से नववर्ष तक का समय नैनीताल सहित समूचे कुमाऊं क्षेत्र के लिए पर्यटन की दृष्टि से सबसे व्यस्त और लाभकारी अवधि माना जाता है, लेकिन इस बार माल रोड, तल्लीताल-मल्लीताल बाजारों के साथ ही भीमताल, भवाली और आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी रौनक कम दिखाई दी।

 


इस मामले में चिंता जाहिर करते हुए अखिलेश सेमवाल सह प्रभारी प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल उत्तराखंड ने बताया कि स्थानीय व्यापारियों, होटल संचालकों और टैक्सी यूनियनों का कहना है कि पर्यटकों की कम आमद का प्रमुख कारण सीमा क्षेत्रों पर बार-बार रूट डायवर्जन, बैरियरों पर अनावश्यक रोक-टोक तथा कई मामलों में शहर से बाहर ही पर्यटक वाहनों को रोककर वापस या अन्य मार्गों की ओर मोड़ दिया जाना है। इससे न केवल पर्यटकों में असमंजस की स्थिति बनी, बल्कि बड़ी संख्या में लोग बिना नैनीताल पहुंचे ही वापस लौट गए।
उन्होंने ये भी कहा कि व्यापारियों का यह भी शिकायत है कि सप्ताहांत और अवकाश के दिनों में शटल सेवा को जिस तरह से अनिवार्य किया जा रहा है, उसके कारण पर्यटक सीधे बाजार क्षेत्रों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इसका सीधा असर होटलों की बुकिंग, रेस्टोरेंट, दुकानों, टैक्सी ऑपरेटरों, गाइड्स और अन्य सहायक सेवाओं की आमदनी पर पड़ा है। कई छोटे दुकानदारों और दैनिक मजदूरी पर निर्भर कर्मचारियों की आय में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
स्थानीय व्यापार मंडलों और होटल एसोसिएशन ने पुलिस एवं जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि सीमा बैरियरों पर पर्यटक वाहनों को बिना ठोस कारण रोका या वापस न किया जाए, विशेषकर तब जब शहर के भीतर पार्किंग और भीड़ प्रबंधन की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध हो। साथ ही रूट डायवर्जन और शटल सेवा की व्यवस्था की पुनर्समीक्षा करते हुए ऐसा ट्रैफिक प्लान तैयार किया जाए, जिससे यातायात नियंत्रण बना रहे लेकिन पर्यटकों की शहर तक सहज पहुंच भी सुनिश्चित हो।
व्यापारियों ने यह सुझाव भी दिया है कि ट्रैफिक प्लान बनाते समय व्यापारिक संगठनों, होटल एसोसिएशन और स्थानीय प्रतिनिधियों से संवाद कर उनके सुझावों को शामिल किया जाए। इससे पर्यटन, सुरक्षा और व्यापार—तीनों के बीच संतुलन स्थापित किया जा सकता है।

गौरतलब है कि नैनीताल की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा पर्यटन पर निर्भर है। नववर्ष जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर यदि प्रशासनिक व्यवस्थाओं या कृत्रिम बाधाओं के कारण पर्यटक आमद प्रभावित होती है, तो इसका सीधा असर आम व्यापारी, कर्मचारी और श्रमिक वर्ग पर पड़ता है। ऐसे में स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने प्रशासन से अपेक्षा जताई है कि इस गंभीर मुद्दे को संवेदनशीलता से लेते हुए शीघ्र सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे, ताकि आने वाले पर्यटन सीजन में नैनीताल की आर्थिक गतिविधियां पुनः पटरी पर लौट सकें।